4 Sep 2026, Fri

तिब्बत के पूर्व निर्वासित PM का खुलासा, चीनी राष्ट्रपति Xi jinping को दो बार आ चुका है हार्ट अटैक

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। तिब्बत के पूर्व निर्वासित नेता लोबसांग सांगे ने कहा है कि शी जिनपिंग को कम से कम दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी जानकारी सामने आई है। ऐसे में इसे फिलहाल एक अपुष्ट दावा ही माना जा रहा है।

लोबसांग सांगे ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान चीन के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की स्थिति पर चर्चा की। इसी दौरान उन्होंने शी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर यह दावा किया। उनके मुताबिक, उन्हें यह जानकारी चीन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी से मिली थी। सांगे का कहना है कि संबंधित अधिकारी के साथ उनकी लंबी बातचीत हुई थी, जिसमें शी जिनपिंग की सेहत से जुड़ी बातें सामने आईं।

दो या तीन बार हार्ट अटैक का दावा

सांगे के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति को कम से कम दो बार दिल का दौरा पड़ चुका है और संभव है कि यह संख्या तीन तक हो। उन्होंने शी जिनपिंग के स्वास्थ्य को लेकर कई अन्य दावे भी किए। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई मेडिकल दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

चीन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां आमतौर पर बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं। इसलिए जब भी किसी बड़े नेता की सेहत को लेकर इस तरह की खबर सामने आती है, तो उसके आधिकारिक तौर पर सत्यापित होने तक सावधानी बरतना जरूरी होता है।

सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल

सांगे ने शी जिनपिंग की हालिया सार्वजनिक गतिविधियों और उनके शारीरिक हावभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मौकों पर राष्ट्रपति की चाल और शारीरिक सक्रियता में बदलाव दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर भी कुछ तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उनकी सेहत को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

हालांकि, केवल तस्वीरों, वीडियो या सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देने वाले हावभाव के आधार पर किसी व्यक्ति की बीमारी या स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए इन दावों को फिलहाल सिर्फ अटकलों और अपुष्ट सूचनाओं के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चा

शी जिनपिंग की सेहत को लेकर चर्चा के साथ ही चीन के भविष्य के नेतृत्व और उत्तराधिकारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सांगे ने चीन की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में उत्तराधिकारी चुनने की चुनौती को लेकर अपनी राय रखी।

उनका तर्क है कि किसी शक्तिशाली नेता के लिए उत्तराधिकारी घोषित करना भी जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि इससे भविष्य में सत्ता के भीतर नया शक्ति केंद्र बन सकता है। वहीं, उत्तराधिकारी तय नहीं करने की स्थिति में नेतृत्व परिवर्तन के समय राजनीतिक अस्थिरता की आशंका बढ़ सकती है।

कौन हैं लोबसांग सांगे?

लोबसांग सांगे तिब्बत की निर्वासित सरकार के पूर्व राजनीतिक प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने 2011 से 2021 तक इस पद पर काम किया। चीन की तिब्बत नीति को लेकर वह लंबे समय से आलोचनात्मक रुख रखते रहे हैं। ऐसे में शी जिनपिंग की सेहत से जुड़े उनके दावों को उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

फिलहाल शी जिनपिंग को हार्ट अटैक आने के दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस खबर को तथ्य के बजाय एक अपुष्ट दावे के रूप में समझना जरूरी है। आने वाले दिनों में यदि चीन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तभी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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