30 Apr 2026, Thu

टॉप 8 शहरों में अपार्टमेंट के दाम में 8-20% सालाना बढ़ोतरी, नए यूनिट्स की सप्लाई में उछाल

रियल एस्टेट में उछाल: 7 बड़े शहरों में अपार्टमेंट की कीमतों में 8 से 20% तक की बढ़ोतरी

देश का रियल एस्टेट बाजार लगातार मजबूती के संकेत दे रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सात प्रमुख शहरों में जनवरी से मार्च 2026 के बीच अपार्टमेंट की कीमतों में सालाना आधार पर 8 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से निर्माण लागत, जमीन की कीमतों और प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती मांग के कारण देखने को मिली है।

रियल एस्टेट कंसल्टेंट JLL India की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में आवासीय अपार्टमेंट की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है। सात बड़े शहरों—दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता—में कुल 70,631 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 8% अधिक है। वहीं, नए अपार्टमेंट की सप्लाई भी 13% बढ़कर 90,023 यूनिट्स तक पहुंच गई।

कीमतों में लगातार तेजी का रुझान

रिपोर्ट बताती है कि इन शहरों में रिहायशी संपत्तियों की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। बढ़ती निर्माण लागत, ऑपरेशनल खर्च और प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की ओर झुकाव इस तेजी के प्रमुख कारण हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आगे भी कीमतों में बढ़ोतरी जारी रह सकती है, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, खरीदार अब केवल कीमत नहीं, बल्कि ब्रांड वैल्यू और डेवलपर की डिलीवरी हिस्ट्री को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे बड़े और भरोसेमंद रियल एस्टेट डेवलपर्स की बाजार में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

हाई-एंड प्रॉपर्टी की मांग में उछाल

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले अपार्टमेंट्स की मांग मजबूत बनी हुई है। इस सेगमेंट में बिक्री 30% बढ़कर 50,362 यूनिट्स तक पहुंच गई। वहीं, 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले फ्लैट्स की बिक्री में 24% की गिरावट दर्ज की गई और यह 20,269 यूनिट्स रह गई।

इस ट्रेंड से साफ है कि बाजार अब प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहा है। खरीदार बेहतर लोकेशन, आधुनिक सुविधाओं और विश्वसनीय डेवलपर पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

हाउसिंग मार्केट ट्रांजिशन फेज में

विशेषज्ञों का कहना है कि हाउसिंग मार्केट फिलहाल एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रहा है। जहां एक ओर सप्लाई मजबूत है, वहीं दूसरी ओर खरीदार आर्थिक अनिश्चितताओं को देखते हुए सोच-समझकर निवेश कर रहे हैं।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में प्रीमियम सेगमेंट में मांग और बढ़ सकती है, जबकि बजट हाउसिंग में दबाव बना रह सकता है।

आगे क्या होगा?

अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्माण और ऑपरेशनल लागत में बढ़ोतरी के चलते कीमतों में आगे भी इजाफा देखने को मिल सकता है। हालांकि, मांग की रफ्तार और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर इसकी गति में बदलाव संभव है।

कुल मिलाकर, भारत का रियल एस्टेट सेक्टर मजबूत ग्रोथ की ओर बढ़ रहा है और निवेशकों की दिलचस्पी खासकर प्रीमियम प्रॉपर्टी में लगातार बनी हुई है।

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