4 May 2026, Mon

चीन को गधे का मांस निर्यात करेगा पाकिस्तान, कंपनी की चेतावनी के बाद शहबाज शरीफ ने आनन-फानन में दी मंजूरी

पाकिस्तान सरकार ने चीन को गधे के मांस और खाल के निर्यात को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब Shehbaz Sharif इस महीने के अंत में निवेश मंच में भाग लेने के लिए China की यात्रा पर जाने वाले हैं। इस कदम को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।

यह मामला तब चर्चा में आया जब चीन की Hangeng Trading Company ने पाकिस्तान में अपना संचालन बंद करने की चेतावनी दी थी। कंपनी ग्वादर में एक बूचड़खाना चलाती है, जहां से गधे का मांस और खाल चीन भेजे जाते हैं। चीन में इनका उपयोग पारंपरिक दवाइयों के निर्माण में किया जाता है, जिन्हें खून बढ़ाने और त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान हर साल लगभग 2.16 लाख गधों से संबंधित उत्पादों का निर्यात करता है। इस व्यापार से करीब 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक का राजस्व मिलने का अनुमान है। गधे के मांस और खाल का सबसे बड़ा बाजार चीन ही है, जहां इसकी मांग लगातार बनी हुई है।

दरअसल, यह विवाद कई महीनों से लंबित मंजूरियों के कारण खड़ा हुआ था। Ministry of National Food Security and Research Pakistan और पशु संगरोध विभाग की अनुमति न मिलने से निर्यात प्रक्रिया अटकी हुई थी। कंपनी ने 1 मई को बयान जारी कर कहा था कि “गैर-बाजार कारकों” और प्रशासनिक बाधाओं के चलते उसे अपना काम बंद करना पड़ सकता है।

इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले में हस्तक्षेप किया। प्रधानमंत्री के सलाहकार तौकिर शाह ने स्थिति को संभालते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए, जिसके बाद मंजूरी प्रक्रिया तेज कर दी गई। अंततः पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने गधे के मांस के निर्यात को औपचारिक मंजूरी दे दी और आवश्यक परमिट जारी कर दिए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आर्थिक दृष्टि से पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा अर्जित करने में मदद मिलेगी। वहीं, चीन के साथ व्यापारिक साझेदारी भी और मजबूत होगी।

कुल मिलाकर, यह निर्णय न केवल एक व्यापारिक मुद्दे का समाधान है, बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का संकेत भी देता है।

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