गुजरात में नगर निकाय चुनाव: 9,237 सीटों पर कल वोटिंग, 28 अप्रैल को आएंगे नतीजे
गांधीनगर: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों का राजनीतिक माहौल चरम पर पहुंच गया है। राज्य की कुल 9,237 सीटों के लिए कल यानी 26 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा, जबकि चुनाव के नतीजे 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP), आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
किन-किन निकायों में होगा चुनाव?
इस बड़े चुनावी प्रक्रिया के तहत 15 नगर निगम, 84 नगर पालिका, 260 तालुका पंचायत और 34 जिला पंचायतों की सीटों पर मतदान होगा। चुनाव आयोग के अनुसार, राज्यभर में 11 म्युनिसिपैलिटी की 11 सीटों और अन्य स्थानीय निकायों को मिलाकर कुल 10,005 सीटों पर प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 720 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध विजेता घोषित हो चुके हैं।
चुनाव प्रचार का जोरदार अंत
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी प्रमुख दलों ने जोरदार रैलियां और रोड शो किए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने विभिन्न इलाकों में रोड शो कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। कांग्रेस ने भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगाई है।
AIMIM की एंट्री से बढ़ा मुकाबला
इस बार के स्थानीय चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी मैदान में है। ओवैसी ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टियों ने अल्पसंख्यक समुदाय के साथ न्याय नहीं किया है। उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट होकर चुनाव में भाग लेने की अपील की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। राज्य में कुल 1,172 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 272 को संवेदनशील घोषित किया गया है।
लगभग 3,800 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि संवेदनशील बूथों पर सशस्त्र बलों को भी लगाया गया है। पुलिस ने अब तक एहतियात के तौर पर 6,800 से अधिक कार्रवाईयां की हैं और लगभग 40 लाख रुपये की अवैध शराब भी जब्त की गई है।
मतदान की तैयारियां पूरी
मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। देहगाम सहित कई क्षेत्रों में ईवीएम और चुनाव सामग्री पहुंचाने के लिए राज्य परिवहन की 29 बसों का उपयोग किया गया है। भीषण गर्मी को देखते हुए कर्मचारियों के लिए ओआरएस और ठंडे पेय की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन का सख्त संदेश
पुलिस अधीक्षक नीतीश कुमार पांडे ने बताया कि संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी या हिंसा की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
गुजरात का यह स्थानीय निकाय चुनाव राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सभी प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है और अब 26 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद 28 अप्रैल को यह तय होगा कि जनता किसे अपना जनादेश देती है।

