फ्लाइट के दौरान साथी पायलट के कथित जानलेवा हमले के बावजूद सूझबूझ और साहस दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार सम्मानित करने जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को ऐलान किया कि कैप्टन स्मित मच्छार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। विमान में हुई गंभीर घटना के दौरान उन्होंने घायल होने के बावजूद स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की।
कॉकपिट में हुआ था जानलेवा हमला
घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ-1073 में हुई थी। विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर साथी पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा। यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई और विमान की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया।
घायल होने के बावजूद खोला कॉकपिट का दरवाजा
हमले में घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद क्रू और यात्रियों के कुछ सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद हमलावर को काबू करने की कोशिश की गई।
विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने स्थिति संभाली और विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। इस तरह विमान में सवार यात्रियों को सुरक्षित बचाने में मदद मिली।
174 यात्रियों की जान बचाने में निभाई अहम भूमिका
इस विमान में 174 लोग सवार बताए गए थे। इनमें बड़ी संख्या में इजरायली नागरिक और बच्चे भी शामिल थे। घटना के दौरान कैप्टन स्मित की ओर से दिखाई गई तत्परता को यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस घटना की तुलना 9/11 जैसी विमान त्रासदी की आशंका से भी की जा रही है, हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना अधिक उचित है कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और एक बड़ी संभावित दुर्घटना टल गई।
मुख्यमंत्री ने की बहादुरी की सराहना
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके साहस पर गुजरात और पूरे देश को गर्व है। उन्होंने घायल होने के बावजूद हमलावर का सामना करने और बड़ी त्रासदी को टालने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कैप्टन स्मित भारतीय होने के साथ गुजराती मूल से जुड़े हैं और उनकी बहादुरी ने वैश्विक स्तर पर देश और गुजरात का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
गुजरात सरकार की ओर से दिया जाने वाला यह सम्मान कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और संकट की घड़ी में दिखाई गई तत्परता के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

