चेन्नई: तमिलनाडु भाजपा की राजनीति इन दिनों काफी गर्म है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद राज्य की सियासत में चर्चाओं और अटकलों का दौर तेज हो गया है। इसी बीच तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी कार्यकर्ता को इस्तीफा देने या पार्टी छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कार्यकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिन पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।
नागेंद्रन ने शनिवार को चेन्नई में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि के. अन्नामलाई का इस्तीफा पार्टी नेतृत्व द्वारा स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन इसके बाद कुछ लोग यह प्रचार कर रहे हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का समर्थन प्राप्त है तथा वे अन्य कार्यकर्ताओं को भी पार्टी छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने ऐसी सभी बातों को पूरी तरह निराधार बताया।
उन्होंने कहा, “मैं तमिलनाडु भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पार्टी मजबूत है और अपने संगठनात्मक कार्यों को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही है। किसी भी व्यक्ति को इस्तीफा देने की अनुमति नहीं दी गई है।”
नागेंद्रन ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य राजनीतिक दल या आंदोलन से जुड़ना चाहता है तो वह भाजपा का सदस्य नहीं रह सकता। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने से भाजपा को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और संगठन पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।
गौरतलब है कि के. अन्नामलाई ने हाल ही में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक पारी शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के साथ मैदान में उतरेंगे।
अन्नामलाई ने अपने बयान में कहा था कि उनके मन में लंबे समय से यह सवाल चल रहा था कि वह भाजपा के नेता के रूप में काम करें या तमिलनाडु के हितों को लेकर अलग राजनीतिक रास्ता अपनाएं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ही भाजपा नेतृत्व को अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी थी। हालांकि, उस समय पार्टी नेतृत्व ने उनसे चुनावी जिम्मेदारियां पूरी करने का अनुरोध किया था।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। अपने इस्तीफा पत्र में अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तमिलनाडु को लेकर उनकी सोच और पार्टी की रणनीति में कुछ मतभेद थे, जिसके चलते उन्होंने अलग राह चुनने का फैसला किया।
अन्नामलाई के इस कदम ने तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी नई पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है। वहीं भाजपा नेतृत्व फिलहाल संगठन को एकजुट रखने और कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह की असमंजस की स्थिति को समाप्त करने में जुटा हुआ है। आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में कई नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।

