9 Oct 2026, Fri

‘कितने लोग आ रहे हैं?’ जब फार्महाउस आ रहे फोटोग्राफर दोस्त से नाना पाटेकर ने किया सवाल, अतुल कासबेकर ने सुनाया किस्सा

मुंबई: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म जगत में शोक का माहौल है। 75 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले नाना पाटेकर को उनके दमदार अभिनय और बेबाक अंदाज के लिए हमेशा याद किया जाएगा। हालांकि, उनकी जिंदगी का एक ऐसा पहलू भी था, जिसके बारे में उनके करीबी लोग अक्सर चर्चा करते रहे हैं। वह था उनका सादगी भरा स्वभाव और मेहमानों के प्रति अपनापन। अब उनके फोटोग्राफर दोस्त अतुल कासबेकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर उनसे जुड़ी कुछ यादें ताजा की हैं।

अतुल कासबेकर ने दी भावुक श्रद्धांजलि

अतुल कासबेकर ने नाना पाटेकर के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए बताया कि भले ही दोनों की मुलाकातें अक्सर नहीं होती थीं, लेकिन जब भी वे मिलते थे, ऐसा लगता था जैसे हाल ही में मुलाकात हुई हो। उन्होंने अभिनेता के प्रति अपना सम्मान और स्नेह जाहिर करते हुए कहा कि नाना पाटेकर के साथ उनका रिश्ता बेहद आत्मीय था।

अतुल के अनुसार, नाना पाटेकर को इस बात पर गर्व था कि उनके एक साथी महाराष्ट्रीयन ने फोटोग्राफी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बातचीत में हमेशा प्यार, अपनापन और हास्य की झलक देखने को मिलती थी। अतुल ने अभिनेता के निधन को एक बड़ी क्षति बताते हुए उनसे जुड़ी यादों को साझा किया।

जब फार्महाउस पहुंचने से पहले आया नाना पाटेकर का फोन

अतुल कासबेकर ने अपने पोस्ट में उस खास मुलाकात का भी जिक्र किया, जब वह नाना पाटेकर के पुणे के पास स्थित फार्महाउस पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वहां आने से पहले नाना पाटेकर ने उन्हें फोन किया और सबसे पहले पूछा कि उनके साथ कितने लोग आ रहे हैं।

पहली नजर में यह एक सामान्य सवाल लग सकता है, लेकिन इसके पीछे अभिनेता की मेहमाननवाजी की भावना छिपी थी। वह यह जानना चाहते थे कि कितने लोगों के लिए भोजन तैयार करना है, ताकि वहां पहुंचने वाले किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो।

अतुल ने बताया कि नाना पाटेकर ने अपने सभी मेहमानों के लिए शानदार दोपहर के भोजन की व्यवस्था की थी। यह घटना उनके लिए बेहद खास याद बन गई, जिसे वह आज भी भावुक होकर याद करते हैं।

सहायकों और ड्राइवरों को भी खुद परोसा खाना

अतुल कासबेकर ने बताया कि नाना पाटेकर के फार्महाउस पर उनके साथ आए सभी लोग एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे। इनमें असिस्टेंट, स्पॉट बॉय और ड्राइवर भी शामिल थे। सबसे खास बात यह थी कि नाना पाटेकर खुद सभी के पास जाकर उन्हें खाना परोस रहे थे।

वह लोगों को अतिरिक्त रोटियां और अपना मशहूर मटन भी परोस रहे थे। उनके व्यवहार में किसी तरह का भेदभाव या दिखावा नहीं था। हर व्यक्ति के साथ उनका व्यवहार सहज और सम्मानपूर्ण था।

अतुल के मुताबिक, नाना पाटेकर जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व के मालिक होने के बावजूद जमीन से जुड़े हुए इंसान थे। उनका यह अंदाज बताता था कि उनके लिए लोगों का सम्मान करना और उनकी देखभाल करना कितना महत्वपूर्ण था।

फार्महाउस पर दिखाई अपनी फिटनेस

अतुल ने अभिनेता के फार्महाउस से जुड़ी एक और दिलचस्प याद साझा की। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद नाना पाटेकर ने गर्व के साथ उन्हें अपनी संपत्ति दिखाई, जिसमें उनका जिम भी शामिल था। वहां अभिनेता ने बिना किसी खास तैयारी के आसानी से कई ट्राइसेप डिप्स लगाकर अपनी फिटनेस का प्रदर्शन किया।

नाना पाटेकर की ये यादें उनके व्यक्तित्व के उस पक्ष को सामने लाती हैं, जो पर्दे पर दिखाई देने वाले उनके गंभीर और दमदार अंदाज से अलग था। उनके लिए सादगी, दोस्ती और इंसानियत बेहद मायने रखती थी। यही वजह है कि उनके जाने के बाद लोग केवल उनके अभिनय को ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और दरियादिली को भी याद कर रहे हैं।

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