महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार यानी NCP-SP के भविष्य को लेकर जारी अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पवार ने पार्टी में टूट की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि उनके सांसद और विधायक कहीं नहीं जाने वाले हैं। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने कांग्रेस में विलय से जुड़ी खबरों को भी फिलहाल आधारहीन बताते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है।
शरद पवार के इस रुख को कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया था कि दोनों पार्टियों के विलय को लेकर शीर्ष स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। वडेट्टीवार ने यह भी कहा था कि कांग्रेस और शरद पवार की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा में विश्वास रखने वाले नेताओं का पार्टी में स्वागत है।
NCP-SP ने खारिज किया औपचारिक बातचीत का दावा
विलय की चर्चाओं के बीच NCP-SP की कार्यकारी अध्यक्ष और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने पहले ही कहा था कि उनकी पार्टी को कांग्रेस से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और न ही शरद पवार ने किसी पार्टी को ऐसा प्रस्ताव भेजा है। उनके इस बयान के बाद साफ हो गया था कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के दावों और NCP-SP के आधिकारिक रुख में अंतर है।
अब शरद पवार ने पार्टी में संभावित बगावत की खबरों को भी नकार दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि NCP-SP का कोई सांसद या विधायक दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होगा। महाराष्ट्र में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि पार्टी के कुछ नेता प्रतिद्वंद्वी खेमों के संपर्क में हैं। हालांकि पवार ने पार्टी को एकजुट बताते हुए इन चर्चाओं पर विराम लगाने का प्रयास किया है।
1999 में कांग्रेस से अलग होकर बनाई थी NCP
शरद पवार ने पीए संगमा और तारिक अनवर के साथ वर्ष 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना की थी। महाराष्ट्र में पार्टी लंबे समय तक कांग्रेस की सहयोगी रही और दोनों दलों ने मिलकर सरकार भी चलाई।
जुलाई 2023 में अजित पवार ने पार्टी के कई विधायकों के साथ बगावत कर भाजपा और शिवसेना के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार का समर्थन किया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को मूल NCP का नाम और चुनाव चिह्न दिया, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाले संगठन को ‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार’ नाम मिला।
महाराष्ट्र के विपक्षी समीकरणों पर पड़ेगा असर
NCP-SP, कांग्रेस और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के घटक हैं। ऐसे में विलय की संभावना समाप्त होने का अर्थ गठबंधन टूटना नहीं है। तीनों पार्टियां अलग संगठनात्मक पहचान रखते हुए चुनावी सहयोग जारी रख सकती हैं।
फिलहाल किसी भी पार्टी ने विलय को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं की है। कांग्रेस नेताओं के दावों और पवार खेमे के खंडन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

