27 Jun 2026, Sat

ओडिशा में पशुधन निरीक्षक के घर से भारी मात्रा में मिली नोटों की गड्डियां, रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

ओडिशा के नबरंगपुर जिले में विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पशुधन निरीक्षक (लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के तहत सब्सिडी जारी करने के बदले एक लाभार्थी से 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस विभाग ने आरोपी के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी भी की, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रफुल्ल हलदर के रूप में हुई है, जो रायघर स्थित मुख्य जिला पशु चिकित्सा अधिकारी (सीडीवीओ) कार्यालय में लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था।

सब्सिडी जारी करने के बदले मांगी रिश्वत

विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतकर्ता मुख्यमंत्री कामधेनु योजना का लाभार्थी था। इस योजना के तहत राज्य सरकार डेयरी किसानों को एक से पांच गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता और सब्सिडी प्रदान करती है।

शिकायतकर्ता का चयन योजना के लाभार्थी के रूप में किया गया था, लेकिन आरोप है कि पशुधन निरीक्षक प्रफुल्ल हलदर ने सब्सिडी की राशि जारी करने के बदले उससे 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

इतना ही नहीं, आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर लाभार्थी को धमकी भी दी थी कि यदि रिश्वत नहीं दी गई तो न केवल उसकी, बल्कि उसके गांव के अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी भी रोक दी जाएगी।

शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल

लगातार रिश्वत की मांग से परेशान होकर लाभार्थी ने पूरे मामले की शिकायत ओडिशा विजिलेंस विभाग से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले की जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।

पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता आरोपी अधिकारी के पास रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा। जैसे ही प्रफुल्ल हलदर ने 80 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, पहले से मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर जब्त कर ली।

हैंड वॉश टेस्ट में मिली पुष्टि

विजिलेंस विभाग ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी का वैज्ञानिक परीक्षण भी किया गया। आरोपी के दोनों हाथों का हैंड वॉश टेस्ट किया गया, जिसमें सकारात्मक परिणाम सामने आए। इससे यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने रिश्वत की रकम को छुआ और स्वीकार किया था।

अधिकारियों के अनुसार, यह जांच भ्रष्टाचार के आरोपों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होगी।

कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस विभाग ने आरोपी से जुड़े कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों को आरोपी के घर से 8.24 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

इसके अलावा आरोपी की संपत्तियों और अन्य निवेशों की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस विभाग को संदेह है कि आरोपी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अतिरिक्त धाराएं भी लगाई जा सकती हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई

ओडिशा विजिलेंस की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के वर्षों में विजिलेंस विभाग ने कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत विजिलेंस विभाग को दें, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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