उज्जैन में नागपंचमी पर्व से पहले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महाकालेश्वर मंदिर परिसर में बनाए गए नए फुट ओवरब्रिज की अनोखे तरीके से लोड टेस्टिंग की गई। करीब 300 से अधिक सुरक्षा जवानों ने एक साथ पुल पर चलकर और करीब 10 मिनट तक कूदकर उसकी क्षमता जांची। टेस्टिंग के दौरान पुल पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नागपंचमी से पहले पुल की हुई जांच
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में नाग चंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नागपंचमी के अवसर पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसी भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने के लिए नया फुट ओवरब्रिज तैयार किया गया है।
नागपंचमी पर्व को देखते हुए प्रशासन ने पुल की मजबूती और उसकी भार सहने की क्षमता की जांच करने का फैसला लिया। इसके तहत बड़ी संख्या में सुरक्षा जवानों को एक साथ पुल पर खड़ा किया गया। जवानों ने करीब 10 मिनट तक पुल पर चलने और कूदने की प्रक्रिया के जरिए इसका लोड टेस्ट किया।
300 से अधिक जवानों ने एक साथ किया लोड टेस्ट
टेस्टिंग के दौरान 300 से अधिक जवान एक साथ पुल पर मौजूद रहे। सभी जवानों के एक साथ चलने और कूदने से पुल पर अचानक पड़ने वाले अतिरिक्त भार की स्थिति तैयार की गई। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि भारी भीड़ के दौरान पुल कितना दबाव सह सकता है।
टेस्टिंग के बाद अधिकारियों ने पुल को सुरक्षित पाया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर जरूरी सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
91 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा है ब्रिज
नया फुट ओवरब्रिज करीब 91 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित तरीके से हो सके। पुल पर आने-जाने के लिए अलग-अलग हिस्से निर्धारित किए गए हैं।
यह ब्रिज मंदिर परिसर के एक हिस्से से नाग चंद्रेश्वर मंदिर की छत तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध कराता है। पहले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए पुराने पत्थर की सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता था। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नया पुल तैयार किया गया है।
एक बार में 300 श्रद्धालुओं की क्षमता
अधिकारियों की ओर से एक समय में अधिकतम करीब 300 श्रद्धालुओं को पुल के इस्तेमाल की अनुमति देने की सिफारिश की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुल पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर फिसलन रोकने के लिए जूट मेटिंग बिछाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और किसी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए इमरजेंसी बटन लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
लोड टेस्टिंग का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। वीडियो में बड़ी संख्या में जवान पुल पर एक साथ चलते और कूदते नजर आ रहे हैं। अनोखे तरीके से की गई इस टेस्टिंग को देखकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य नागपंचमी के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराना है। पुल की क्षमता जांचने के बाद अब पर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

