दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब ईस्ट जोन ने अपने नाम कर लिया है। ईशान किशन की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल मुकाबले में साउथ जोन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। हालांकि दोनों टीमों के बीच खेला गया फाइनल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ टीम ने करीब 13 साल से चले आ रहे खिताबी इंतजार को भी खत्म कर दिया।
पहली पारी की बढ़त बनी जीत की वजह
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच का नतीजा जीत या हार के रूप में नहीं निकल सका और मुकाबला ड्रॉ हो गया। ऐसे में पहली पारी में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को खिताब दिया गया। ईस्ट जोन ने पहली पारी में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए जरूरी बढ़त हासिल की थी, जिसका फायदा उसे फाइनल के अंत में मिला।
ईशान किशन का बल्ले और कप्तानी से शानदार योगदान
ईस्ट जोन की सफलता में कप्तान ईशान किशन की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने फाइनल में बल्ले से महत्वपूर्ण पारियां खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके अलावा कप्तानी के दौरान भी उन्होंने कई मौकों पर सही फैसले लिए। उनके नेतृत्व में टीम ने दबाव के बीच अपना संयम बनाए रखा और पहली पारी की बढ़त हासिल करने में कामयाब रही।
ईशान के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह पहले भी अपनी कप्तानी में घरेलू क्रिकेट की बड़ी ट्रॉफी जीत चुके हैं। अब दलीप ट्रॉफी की सफलता ने उनके नेतृत्व क्षमता को एक बार फिर साबित किया है।
13 साल बाद ईस्ट जोन के हाथ लगी ट्रॉफी
ईस्ट जोन लंबे समय से दलीप ट्रॉफी के खिताब का इंतजार कर रहा था। करीब 13 साल बाद टीम को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में चैंपियन बनने का मौका मिला है। इस जीत से टीम के खिलाड़ियों और समर्थकों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। फाइनल में ड्रॉ के बावजूद पहली पारी की बढ़त के जरिए खिताब हासिल करना टीम के लिए बड़ी उपलब्धि बन गई है।
कप्तानी में नहीं हारे एक भी प्रथम श्रेणी मैच
ईशान किशन की कप्तानी से जुड़ा एक आंकड़ा भी उन्हें खास बनाता है। उन्होंने अब तक 16 प्रथम श्रेणी मैचों में कप्तानी की है। इनमें उनकी टीम ने आठ मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि आठ मैच ड्रॉ रहे। खास बात यह है कि उनकी कप्तानी में टीम को अब तक एक भी हार नहीं मिली है। यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व की निरंतरता को दर्शाता है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के बाद एक और बड़ी कामयाबी
ईशान किशन इससे पहले 2025 में झारखंड की कप्तानी करते हुए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी जीत चुके हैं। उस टूर्नामेंट में झारखंड ने पहली बार खिताब अपने नाम किया था और ईशान को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला था। अब दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस तरह घरेलू क्रिकेट में कप्तान के तौर पर ईशान की उपलब्धियों में एक और बड़ी ट्रॉफी जुड़ गई है। दूसरी ओर, साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने फाइनल में 99 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया।

