नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत खराब हो गई है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी। अभिजीत दीपके ने बताया कि उनकी ब्लड रिपोर्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई है और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, बीमारी के बावजूद उन्होंने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को जारी रखने की अपील की है।
अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। अब उनकी ब्लड रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें टाइफाइड की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि उनका इलाज जारी है और वह डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। अपनी बीमारी की जानकारी देने के साथ ही उन्होंने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अपने समर्थकों का आभार भी जताया।
वीडियो जारी कर दी स्वास्थ्य की जानकारी
एक्स पर साझा किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और अब जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें टाइफाइड होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण उनका इलाज चल रहा है, लेकिन इससे आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे समर्थकों की वजह से आंदोलन को मजबूती मिली है। दीपके ने अपने समर्थकों से इसी तरह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दीपके का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में विश्वास जताया कि अगर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखते हैं, तो उनकी मांग पूरी हो सकती है। उन्होंने देशभर में आंदोलन का समर्थन कर रहे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीमारी के बावजूद उनका आंदोलन के प्रति समर्थन और प्रतिबद्धता कायम है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने पर जताई राहत
इससे पहले शुक्रवार को अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के 26 दिन लंबी भूख हड़ताल समाप्त करने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने वांगचुक की सेहत को लेकर राहत जताई थी और कहा था कि उनकी जान देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दीपके ने कहा था कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लंबे समय तक चली और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई थी। उन्होंने वांगचुक के आंदोलन समाप्त करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए भूख हड़ताल खत्म कर दी।
हालांकि, अभिजीत दीपके ने साफ किया कि उनकी पार्टी का विरोध प्रदर्शन अपने मुख्य मुद्दे को लेकर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और उससे जुड़ी जवाबदेही के मुद्दे पर उनका आंदोलन तब तक चलता रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं होती।
फिलहाल अभिजीत दीपके का टाइफाइड का इलाज जारी है। उनकी बीमारी की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों के बीच भी चिंता देखने को मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने अपने वीडियो संदेश के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में चल रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।

