6 Aug 2026, Thu
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Video: भारत से सस्ती दवाएं पाकर अमेरिका की बुराई करने लगी विदेशी महिला, बताया US में कैसे होता है स्कैम

नई दिल्ली: भारत की सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अमेरिकी महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने भारत की दवा व्यवस्था और मेडिकल सिस्टम की जमकर तारीफ की है। महिला का दावा है कि जिस दवा के लिए उसे अमेरिका में लगभग 1000 डॉलर (करीब 85 हजार रुपये) खर्च करने पड़ते, वही दवा उसे भारत से मात्र 25 डॉलर (करीब 2,100 रुपये) में मिल गई।

वीडियो ने सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कई लोग भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था की महंगी लागत पर सवाल उठा रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर किया अनुभव

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @lemonsnlyme नामक अकाउंट से साझा किया गया है। वीडियो में महिला, जिसका नाम विक्टोरिया बताया जा रहा है, अपने अनुभव को साझा करते हुए कहती है कि उसे एक जरूरी दवा की आवश्यकता थी, लेकिन उसकी बीमा कंपनी ने उस दवा का खर्च उठाने से इनकार कर दिया।

विक्टोरिया के अनुसार, अमेरिका में उस दवा की कीमत इतनी अधिक थी कि उसे अपनी जेब से करीब 1000 डॉलर खर्च करने पड़ते। वह इतनी बड़ी राशि खर्च करने के लिए तैयार नहीं थी और विकल्प तलाश रही थी।

डॉक्टर ने सुझाया अलग रास्ता

महिला ने बताया कि उसके डॉक्टर ने उसे एक कनाडाई फार्मेसी से संपर्क करने की सलाह दी। इस फार्मेसी के जरिए दवा सीधे भारत के निर्माता से मंगाई गई।

विक्टोरिया ने कहा कि जब उसने दवा की कीमत पूछी तो उसे लगा कि शायद 100 से 200 डॉलर तक का खर्च आएगा। लेकिन जब उसे वास्तविक कीमत पता चली तो वह हैरान रह गई।

उसके मुताबिक, दवा की कीमत केवल 10 डॉलर थी, जबकि 15 डॉलर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर खर्च हुए। यानी कुल मिलाकर उसे पूरी दवा सिर्फ 25 डॉलर में मिल गई।

भारतीय दवा उद्योग की बढ़ती पहचान

भारत को दुनिया की “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” कहा जाता है। देश बड़ी मात्रा में जेनेरिक दवाओं का उत्पादन करता है, जो गुणवत्ता में प्रभावी होने के साथ-साथ अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध होती हैं। यही कारण है कि दुनिया के कई देशों में भारतीय दवाओं की भारी मांग है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन, प्रतिस्पर्धी बाजार और जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता दवाओं की कीमत को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

वीडियो में विक्टोरिया ने अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की भी आलोचना की। उसने कहा कि अमेरिका में आम लोगों को दवाओं और इलाज के लिए अत्यधिक कीमत चुकानी पड़ती है।

महिला ने सवाल उठाया कि यदि वही दवा भारत से 10 डॉलर में उपलब्ध हो सकती है, तो अमेरिका में उसकी कीमत 1000 डॉलर कैसे हो जाती है। उसने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत आम नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।

सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने भारतीय दवा उद्योग की प्रशंसा की, जबकि कुछ ने अमेरिका की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। कुछ भारतीय यूजर्स ने गर्व जताते हुए कहा कि भारत न सिर्फ दुनिया को सस्ती दवाएं उपलब्ध करा रहा है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यह वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि भारत की मेडिकल और फार्मास्युटिकल क्षमता दुनिया भर के लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।

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