पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और बड़ा झटका लगा है। विधायकों के बाद अब पार्टी के सांसदों में भी बगावत की खबरें सामने आई हैं, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा के 20 से अधिक TMC सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, जिसके बाद पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है।
20 से ज्यादा सांसदों ने लिखा स्पीकर को पत्र
जानकारी के अनुसार, TMC के 20 से अधिक सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि ये सांसद जल्द ही अलग गुट या नया राजनीतिक मोर्चा बना सकते हैं।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लोकसभा में TMC का एक अलग ब्लॉक बनाने की तैयारी चल रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गुप्त बैठक की खबरें
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में TMC सांसदों की एक अनौपचारिक और गुप्त बैठक भी हुई, जिसमें करीब 20 सांसदों के शामिल होने की बात सामने आई है। इसी बैठक के बाद स्पीकर को पत्र लिखे जाने की चर्चा और तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ सांसदों ने आगे की रणनीति को लेकर भी विचार-विमर्श किया है और आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक कदम उठाया जा सकता है।
NDA को समर्थन देने की अटकलें
सूत्रों के मुताबिक, सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने यह संकेत दिया है कि करीब 20 TMC सांसदों ने NDA को समर्थन देने का फैसला किया है। हालांकि इस पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
विधायकों के बाद सांसदों में बगावत
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में TMC के कई विधायकों ने भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावती रुख अपनाया था। विधानसभा में हुए अंदरूनी विवाद के बाद अब सांसदों की यह कथित बगावत पार्टी के लिए बड़ा संकट बनती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा में 58 विधायकों द्वारा विपक्षी नेता पद को लेकर अलग रुख अपनाना पहले ही पार्टी के भीतर गहरी दरार का संकेत दे चुका था।
ममता बनर्जी के लिए बढ़ी चुनौती
दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है। लगातार सामने आ रही अंदरूनी बगावत ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
निष्कर्ष
TMC में विधायकों के बाद अब सांसदों की कथित बगावत ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गर्मा दिया है। अगर ये अटकलें सही साबित होती हैं, तो यह ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले आधिकारिक बयानों और राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।

