बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, अभिनेता को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर विदेश से सुपारी दी गई थी। इस काम के लिए आरोपियों को 34 हजार रुपये देने की बात सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि वारदात के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रेन में ही बाल काटे और कपड़े बदल लिए थे। फिलहाल, मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कैलिफोर्निया से ऑपरेट किए जाने का आरोप
मामले की जांच के अनुसार, आरोपियों को कथित तौर पर कैलिफोर्निया से निर्देश दिए जा रहे थे। अनिल पंडित नाम के व्यक्ति पर विदेश से आरोपियों को संचालित करने और उन्हें पैसे देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपियों को विदेश में नौकरी दिलाने का प्रलोभन भी दिया गया था।
पुलिस के सामने आए विवरण के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए स्थानीय इलाके की जानकारी रखने वाले एक युवक को भी साथ लिया गया था। जांच में रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और रोशन उर्फ ऋतिक के नाम सामने आए हैं। इनमें से दो आरोपियों की उम्र 18 वर्ष और तीसरे की उम्र 22 वर्ष बताई गई है।
वारदात के बाद पहचान छिपाने की कोशिश
जांच के मुताबिक, कथित गोलीबारी के बाद तीनों आरोपी अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे और लोकल ट्रेन से कुछ स्टेशन आगे जाकर उतर गए। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन टैक्सी बुक की, जिसका भुगतान कथित तौर पर साजिश से जुड़े व्यक्ति ने किया था।
आरोप है कि इसके बाद वे सूरत पहुंचे और वहां से दूसरी ट्रेन में सवार हो गए। पुलिस ने उन्हें राजस्थान के कोटा में मुंबई से आ रही एक ट्रेन से हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय उनके बाल पहले की तुलना में छोटे थे और कपड़े भी बदले हुए थे।
पुलिस को आरोपियों के पास से मुख्य रूप से कपड़े मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों को कहीं फेंक दिया गया हो सकता है। हालांकि, हथियारों की बरामदगी और अन्य सबूतों को लेकर अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आरोपियों की मुलाकात कैसे हुई?
जांच में सामने आया है कि रेहान और फूल सिंह मजदूरी करते थे, जबकि रोशन उर्फ ऋतिक बाइक चलाने का काम करता था। स्थानीय रास्तों और जगहों की जानकारी होने के कारण ऋतिक को कथित योजना में शामिल किया गया।
बताया जा रहा है कि रेहान का संपर्क पहले समीर नाम के युवक से हुआ था, जिसने कथित तौर पर उनकी बातचीत अनिल पंडित से करवाई। समीर को भी मामले से जुड़े घटनाक्रम के संबंध में पुलिस की जांच का सामना करना पड़ा है।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले रेहान और फूल सिंह का नाम अमृतसर में एक व्यापारी पर गोली चलाने की कोशिश के मामले में भी सामने आया था। उस घटना में कथित तौर पर पिस्टल से गोली नहीं चल पाई थी।
नेपाल भागने की थी योजना
जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, तीनों आरोपियों की योजना नेपाल की ओर भागने की थी। हालांकि, इससे पहले ही उन्हें कोटा में हिरासत में ले लिया गया।
फिलहाल, पुलिस कथित सुपारी, विदेश से मिले निर्देशों, हथियारों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

