पुणे: महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 48 वर्षीय कर्मचारी ने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने मृतक के सुसाइड नोट और परिवार की शिकायत के आधार पर दो महिला सहकर्मियों और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अमित अभय ब्रम्हे के रूप में हुई है, जो भोसरी स्थित सुविधा पार्क इलाके में अपने परिवार के साथ रहते थे और हिंजवडी स्थित टीसीएस कार्यालय में कार्यरत थे। घटना 2 जून की बताई जा रही है, जबकि उनके 19 वर्षीय बेटे ने 9 जून को भोसरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अमित ब्रम्हे ने आत्महत्या से पहले एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपने साथ काम करने वाली दो महिला सहकर्मियों और एक अन्य व्यक्ति को अपनी मानसिक परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
शिकायत के अनुसार, मृतक ने आरोप लगाया था कि दोनों सहकर्मी उन्हें लगातार अपमानित करती थीं, सार्वजनिक रूप से डांटती थीं और प्रोजेक्ट में खराब प्रदर्शन रेटिंग देने की धमकी देती थीं। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब उनके पिता गंभीर रूप से बीमार थे और उनकी पत्नी कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रही थीं, तब भी छुट्टी लेने के दौरान उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
तीसरे आरोपी पर बदनाम करने का आरोप
मामले में नामजद तीसरे आरोपी विनोद पालिचा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, उसने कथित रूप से टीसीएस प्रबंधन को अमित के खिलाफ भ्रामक और गलत ईमेल भेजे, जिससे उनकी पेशेवर छवि प्रभावित हुई। इसके अलावा, उस पर पुलिस में झूठी शिकायतें दर्ज कराने की कोशिश करने का भी आरोप है।
परिवार का दावा है कि इन घटनाओं के कारण अमित लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और लगातार दबाव महसूस कर रहे थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
भोसरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप घोरपड़े ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
उन्होंने बताया कि जांच के तहत संबंधित महिला कर्मचारियों से पूछताछ के लिए कंपनी अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है। वहीं तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस सुसाइड नोट, डिजिटल संचार रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कॉर्पोरेट सेक्टर में कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यस्थल के माहौल और पेशेवर दबाव को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों को कर्मचारियों के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता और शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

