सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन दिन के दौरान ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता के चलते प्रमुख सूचकांक शुरुआती बढ़त को पूरी तरह बरकरार नहीं रख सके। कारोबार के अंत में बाजार मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
कारोबार की शुरुआत उत्साहजनक रही और शुरुआती घंटों में बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। दिन के दौरान प्रमुख सूचकांक अपने ऊंचे स्तर तक भी पहुंचे, लेकिन बाद में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से बढ़त सीमित हो गई। इसके बावजूद बाजार लगातार दूसरे दिन सकारात्मक दायरे में बंद होने में सफल रहा।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का प्रमुख सूचकांक करीब 291 अंकों की बढ़त के साथ 77 हजार अंकों के ऊपर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का प्रमुख सूचकांक भी लगभग 90 अंकों की मजबूती के साथ 24 हजार के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब रहा। दिन के दौरान दोनों सूचकांकों ने ऊंचे स्तर को छुआ, लेकिन अंतिम घंटों में दबाव बढ़ने से वे उन स्तरों को बनाए नहीं रख सके।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक संकेतों के साथ-साथ घरेलू आर्थिक गतिविधियों को लेकर सकारात्मक धारणा के कारण शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे बाजार की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी, बैंकिंग, फार्मा और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। आईटी क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी के शेयरों में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा फार्मा, निजी बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों ने भी बाजार को सहारा दिया।
ऊर्जा, बैंकिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को समर्थन प्रदान किया। निजी क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे सूचकांकों को मजबूती मिली। दूसरी ओर, उपभोक्ता वस्तु, पेंट, बिजली और कुछ औद्योगिक कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया।
बाजार में गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में उपभोक्ता क्षेत्र की कुछ प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। विश्लेषकों का मानना है कि इन कंपनियों में हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने लाभ बुक करना उचित समझा। इसके अलावा कुछ चुनिंदा औद्योगिक और अवसंरचना कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतकों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो घरेलू बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा स्तरों पर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने की रणनीति अपनानी चाहिए।
कुल मिलाकर, सप्ताह के पहले कारोबारी सत्र में बाजार ने सकारात्मक शुरुआत के साथ निवेशकों को राहत दी, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली ने यह संकेत भी दिया कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।

