भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला और अंत में दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ लगभग सपाट बंद हुए। निवेशकों की नजरें अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं, जिसके चलते बाजार में बड़ी खरीदारी या बिकवाली से परहेज किया गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का हल्का बदलाव
दिन के कारोबार के अंत में सेंसेक्स मात्र 13.84 अंक की मामूली बढ़त के साथ 74,360.01 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 10.95 अंक की बढ़त लेकर 23,416.55 पर स्थिर रहा।
बाजार में कुल मिलाकर हल्का सकारात्मक रुझान देखने को मिला। आज 2156 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1852 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
RBI के फैसले से पहले सतर्कता
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल RBI की ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों को लेकर होने वाले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि केंद्रीय बैंक दरों में कटौती या अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत देता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। इसी वजह से निवेशकों ने आक्रामक ट्रेडिंग से दूरी बनाए रखी।
सेक्टरवार प्रदर्शन मिला-जुला
सेक्टरों के प्रदर्शन की बात करें तो बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स, मीडिया, फार्मा, ऑयल एंड गैस, बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी रही, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला।
वहीं दूसरी ओर आईटी और मेटल सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली, जिसने बाजार की तेजी को सीमित कर दिया और इंडेक्स को एक दायरे में रखा।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी के टॉप गेनर्स में टाइटन, इटरनल, कोल इंडिया, सिप्ला और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर शामिल रहे, जिन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।
वहीं टॉप लूजर्स में इन्फोसिस, बजाज फिनसर्व, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूती
बड़े शेयरों में सुस्ती के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में अच्छी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स दोनों ही करीब 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर बाजार में निवेशकों ने RBI के फैसले से पहले सतर्क रुख अपनाया, जिसके चलते शेयर बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करता रहा। अब सभी की नजरें आगामी मौद्रिक नीति घोषणा पर टिकी हैं, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकती है।

