16 May 2026, Sat

SGB Tax: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से हुई कमाई पर देना होगा 12.5% टैक्स, आज से लागू हुआ नया नियम

SGB Tax Update 2026: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से होने वाली कमाई पर अब लगेगा 12.5% टैक्स

1 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) से जुड़े टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया था। अब 1 अप्रैल 2026 से इन बॉन्ड्स पर मिलने वाले मुनाफे पर 12.5% का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लागू हो गया है।

क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) भारत सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक निवेश साधन है, जिसे Reserve Bank of India (RBI) द्वारा संचालित किया जाता है। इसमें निवेश करने पर निवेशकों को सोने के मूल्य के साथ-साथ सालाना ब्याज भी मिलता है।

नए टैक्स नियम क्या कहते हैं?

नए नियमों के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से होने वाले मुनाफे पर टैक्स की स्थिति इस प्रकार होगी:

  • सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए SGB पर टैक्स:
    यदि आपने SGB को BSE, NSE, स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म या बैंकों के जरिए खरीदा है, तो रिडेम्पशन (भुनाने) पर 12.5% का LTCG टैक्स देना होगा।
  • RBI से खरीदे गए SGB पर छूट:
    यदि आपने सीधे RBI से SGB खरीदा है और उसे मैच्योरिटी तक (8 साल) होल्ड करते हैं, तो आपको कैपिटल गेन्स टैक्स से पूरी छूट मिलेगी।

मैच्योरिटी और होल्डिंग पीरियड

RBI से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट पाने के लिए उसे पूरे 8 साल तक रखना जरूरी है। यदि कोई निवेशक 5 साल बाद बॉन्ड को बेचता है, तो उस पर भी टैक्स लागू होगा।

ब्याज पर टैक्स

SGB में निवेश करने पर निवेशकों को हर साल 2.5% का ब्याज मिलता है। इस ब्याज को ‘अन्य स्रोतों से आय’ माना जाता है और यह निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है।

सेकेंडरी मार्केट क्या है?

सेकेंडरी मार्केट का मतलब उन प्लेटफॉर्म्स से है जो RBI के अलावा SGB की खरीद-फरोख्त की सुविधा देते हैं, जैसे स्टॉक एक्सचेंज (BSE, NSE), बैंकों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ब्रोकिंग कंपनियां।

निवेशकों के लिए क्या बदला?

नए टैक्स नियमों के बाद अब SGB में निवेश करने से पहले निवेशकों को अपने विकल्पों पर ध्यान देना होगा। जहां एक ओर RBI से सीधे खरीद पर टैक्स छूट मिलती है, वहीं अन्य माध्यमों से खरीदने पर अब मुनाफे पर टैक्स देना अनिवार्य हो गया है।

निष्कर्ष

सरकार के इस नए फैसले से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश का तरीका थोड़ा बदल सकता है। हालांकि, यह अभी भी सोने में निवेश का एक सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बना हुआ है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश से पहले नियमों को अच्छे से समझ लें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाह जरूर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *