21 Apr 2026, Tue

SGB 2020-21 Series-VII के निवेशकों के लिए आज एग्जिट करने का मौका, कीमत ₹15,254 प्रति यूनिट तय

SGB निवेशकों को बड़ा फायदा: 2020-21 सीरीज़-VII पर 205% तक रिटर्न, RBI ने किया प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज़-VII के निवेशकों के लिए समय से पहले रिडेम्पशन (Premature Redemption) की घोषणा कर दी है। यह फैसला सरकार द्वारा तय नियमों के तहत लिया गया है, जिसके अनुसार निवेशक बॉन्ड जारी होने के पांच साल बाद ब्याज भुगतान की तारीख पर अपने निवेश को भुना सकते हैं। इस घोषणा के बाद निवेशकों के लिए यह एक बड़ा मौका बन गया है, क्योंकि उन्हें इस निवेश पर शानदार रिटर्न मिल रहा है।

RBI द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को होने वाले इस रिडेम्पशन के लिए कीमत ₹15,254 प्रति यूनिट तय की गई है। यह कीमत 999 शुद्धता वाले सोने की पिछली तीन कारोबारी दिनों की औसत क्लोजिंग कीमत के आधार पर निर्धारित की गई है, जिसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) प्रकाशित करता है।

अगर रिटर्न की बात करें, तो यह निवेशकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। जिन लोगों ने इस बॉन्ड को ₹5,051 प्रति यूनिट के इश्यू प्राइस पर खरीदा था, उन्हें अब लगभग 202% का रिटर्न मिल रहा है। वहीं, जिन्होंने ऑनलाइन माध्यम से निवेश किया था, उन्हें ₹50 प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट भी मिली थी, जिससे उनका कुल रिटर्न करीब 205% तक पहुंच गया है। इसके अलावा, निवेशकों को इस अवधि के दौरान हर साल 2.5% का निश्चित ब्याज भी मिलता रहा है, जो इस स्कीम को और आकर्षक बनाता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल होती है, लेकिन 5 साल के बाद निवेशकों को समय से पहले बाहर निकलने का विकल्प मिलता है। यह बॉन्ड 20 अक्टूबर 2020 को जारी किए गए थे और अब 20 अप्रैल 2026 को प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए पात्र हो गए हैं।

टैक्स के नजरिए से भी SGB एक फायदेमंद निवेश माना जाता है। अगर निवेशक बॉन्ड को मैच्योरिटी तक होल्ड करता है, तो उसे कैपिटल गेन पर टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, यदि इसे मैच्योरिटी से पहले बेचा जाता है, तो 12 महीने से ज्यादा होल्डिंग पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है। वहीं, 12 महीने से कम होल्डिंग पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स निवेशक की आयकर स्लैब के अनुसार लगता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो सोने में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन फिजिकल गोल्ड रखने की झंझट से बचना चाहते हैं। इसमें न केवल सोने की कीमत बढ़ने का फायदा मिलता है, बल्कि अतिरिक्त ब्याज भी मिलता है।

हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब तक इस स्कीम की कोई नई किस्त घोषित नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार की उधारी को लेकर बढ़ती चिंताओं के चलते फिलहाल इस योजना को रोका गया है। बावजूद इसके, पहले से निवेश कर चुके लोगों के लिए यह स्कीम अभी भी एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश विकल्प बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *