अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित रखते हुए निश्चित रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है। खासकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे बड़े और विश्वसनीय बैंक में एफडी करने से निवेशकों को अतिरिक्त भरोसा मिलता है।
आज के समय में जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, एफडी एक ऐसा विकल्प है जिस पर बाजार की हलचल का कोई असर नहीं पड़ता। यही कारण है कि कम जोखिम वाले निवेशक इसे प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति ₹1,25,000 की रकम 5 साल के लिए SBI की एफडी में निवेश करता है, तो उसे मैच्योरिटी पर कितना रिटर्न मिलेगा।
SBI की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 5 साल से लेकर 10 साल तक की अवधि वाली एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 6.05% सालाना ब्याज दर दी जा रही है। वहीं, सीनियर सिटीजन यानी 60 साल या उससे अधिक उम्र के निवेशकों को 7.05% का ब्याज मिलता है। यह अतिरिक्त ब्याज दर वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर रिटर्न का मौका देती है।
अब अगर हम रिटर्न का कैलकुलेशन देखें, तो सामान्य ग्राहक द्वारा ₹1,25,000 की एफडी 5 साल के लिए कराने पर उसे लगभग ₹42,673 का ब्याज मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल राशि ₹1,67,673 हो जाएगी। यह एक स्थिर और सुरक्षित रिटर्न है, जो बिना किसी जोखिम के मिलता है।
वहीं, अगर यही निवेश एक सीनियर सिटीजन करता है, तो उसे ज्यादा ब्याज का फायदा मिलता है। 7.05% की दर से 5 साल में लगभग ₹50,729 का ब्याज मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल रकम ₹1,75,729 तक पहुंच जाती है। यानी वरिष्ठ नागरिकों के लिए एफडी और भी फायदेमंद साबित होती है।
एफडी की खास बात यह है कि इसमें निवेशक अपनी जरूरत और लक्ष्य के अनुसार अलग-अलग विकल्प चुन सकते हैं। स्टैंडर्ड फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे सामान्य प्रकार है, जिसमें एक निश्चित अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और तय ब्याज दर पर रिटर्न मिलता है। इसके अलावा सीनियर सिटीजन एफडी, टैक्स-सेविंग एफडी और कॉर्पोरेट एफडी जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।
टैक्स-सेविंग एफडी उन लोगों के लिए बेहतर होती है, जो आयकर में छूट चाहते हैं। इसमें निवेश की गई राशि पर आयकर अधिनियम के तहत छूट मिलती है, लेकिन इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। वहीं कॉर्पोरेट एफडी में रिटर्न ज्यादा हो सकता है, लेकिन इसमें जोखिम भी अधिक होता है।
कुल मिलाकर, एफडी उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं। खासतौर पर SBI जैसी भरोसेमंद संस्था में निवेश करने से जोखिम और भी कम हो जाता है। हालांकि निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों, लक्ष्य और अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है, ताकि आप सही योजना चुन सकें और बेहतर लाभ प्राप्त कर सकें।

