भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए इसके नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी नए निर्देशों का उद्देश्य किसानों को समय पर और पर्याप्त ऋण सहायता उपलब्ध कराना तथा ऋण स्वीकृति और पुनर्भुगतान प्रक्रिया में एकरूपता लाना है। RBI के नए दिशा-निर्देश जनवरी 2027 से लागू होंगे।
आरबीआई ने शुक्रवार को जारी अधिसूचना में कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत फसल सीजन की परिभाषा में बदलाव किया गया है। यह संशोधन ‘आय पहचान और परिसंपत्ति वर्गीकरण’ (IRAC) नियमों के अनुरूप किया गया है ताकि बैंकों और किसानों के बीच ऋण वितरण एवं वसूली की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सुव्यवस्थित हो सके।
नए नियमों के अनुसार, अल्पकालिक फसलों (Short Duration Crops) के लिए फसल मौसम की अवधि 12 महीने निर्धारित की गई है, जबकि दीर्घकालिक फसलों (Long Duration Crops) के लिए यह अवधि 18 महीने होगी। फसल मौसम का अर्थ बुवाई से लेकर कटाई और बाजार में बिक्री तक की संपूर्ण अवधि से है। इससे ऋण की समय-सीमा और पुनर्भुगतान कार्यक्रम तय करने में आसानी होगी।
आरबीआई का कहना है कि खेती, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कार्यरत किसानों की कार्यशील पूंजी और निवेश संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। नए नियमों से किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार ऋण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2026 में किसान क्रेडिट कार्ड योजना के संशोधित मसौदा निर्देश जारी किए थे और आम जनता, बैंकों तथा अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए थे। प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि, आरबीआई ने बिना जमानत वाले कृषि ऋण की सीमा बढ़ाने की मांग को फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2024 में ही इस सीमा को बढ़ाया जा चुका है और वर्तमान में इसे और बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इसके अलावा, आरबीआई ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिया है। नए नियमों के तहत दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण के लिए यदि कोई किसान स्वेच्छा से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो इसे बिना गारंटी वाले कृषि ऋण संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। इससे किसानों को ऋण प्राप्त करने में अतिरिक्त लचीलापन मिलेगा।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना भारत सरकार द्वारा किसानों को आसान और सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना के तहत किसान खेती, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को साहूकारों और गैर-संगठित वित्तीय स्रोतों पर निर्भरता से बचाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI द्वारा किए गए ये बदलाव किसान क्रेडिट कार्ड योजना को अधिक व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाएंगे। इससे ऋण वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता समय पर मिल सकेगी।

