रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Mukesh Ambani ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में एक बड़ा संकेत देते हुए कहा कि रिलायंस समूह में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके तीनों बच्चे—Akash Ambani, Isha Ambani और Anant Ambani—अब समूह के प्रमुख कारोबारों का नेतृत्व संभाल रहे हैं और कंपनी के भविष्य को नई दिशा देने के लिए तैयार हैं।
AGM के दौरान मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि रिलायंस का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा, “रिलायंस में दैनिक प्रबंधन का पीढ़ीगत हस्तांतरण लगभग पूरा हो चुका है। आपकी कंपनी का भविष्य न सिर्फ सुरक्षित हाथों में है, बल्कि ऐसे हाथों में है जो इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”
मुकेश अंबानी का यह बयान देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Reliance Industries में लंबे समय से चल रही उत्तराधिकार योजना के अंतिम चरण की ओर इशारा करता है। पिछले कुछ वर्षों से कंपनी ने अपने अगली पीढ़ी के नेतृत्व को रणनीतिक रूप से प्रमुख व्यवसायों में स्थापित किया है।
कंपनी में जिम्मेदारियों के बंटवारे के अनुसार ईशा अंबानी रिलायंस के उपभोक्ता और रिटेल कारोबार का नेतृत्व कर रही हैं। रिलायंस रिटेल देश के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में शामिल है और लगातार अपने विस्तार पर काम कर रहा है। वहीं आकाश अंबानी टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम कारोबार की कमान संभाल रहे हैं, जिसमें जियो प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल सेवाओं का संचालन शामिल है।
दूसरी ओर, अनंत अंबानी को ऊर्जा और नई ऊर्जा परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पिछले वर्ष उन्हें रिलायंस इंडस्ट्रीज का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया था। AGM में उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनी की भविष्य की योजनाओं और निवेश रणनीति की जानकारी भी साझा की।
मुकेश अंबानी ने कहा कि तीनों बच्चे पिछले तीन वर्षों से बोर्ड में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और मिलकर समूह की दीर्घकालिक विकास रणनीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पीढ़ी रिलायंस को तकनीक, ऊर्जा, रिटेल और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
इस AGM की एक और बड़ी घोषणा निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रही। मुकेश अंबानी ने बताया कि Jio Platforms के बोर्ड ने कंपनी के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही जियो के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस में नेतृत्व परिवर्तन और जियो आईपीओ की तैयारी कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में नई पीढ़ी के नेतृत्व और डिजिटल विस्तार के दम पर रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश करती नजर आ रही है।

