15 Jun 2026, Mon

Razorpay ला सकता है 6000 करोड़ रुपये तक का IPO, SEBI के पास दाखिल किए दस्तावेज

देश की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल Razorpay ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट दस्तावेज गोपनीय रूप से दाखिल कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह आईपीओ भारतीय फिनटेक सेक्टर के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है।

₹5000–6000 करोड़ का हो सकता है IPO साइज

सूत्रों के अनुसार रेजरपे का प्रस्तावित आईपीओ लगभग ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ के बीच हो सकता है। हालांकि कंपनी ने सार्वजनिक सूचना में इश्यू साइज का खुलासा नहीं किया है। आईपीओ का अंतिम आकार, वैल्यूएशन और टाइमलाइन बाजार की स्थिति और नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगी।

कंपनी ने कहा है कि उसने अपने इक्विटी शेयरों के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों के पास जमा कर दिए हैं, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

2014 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

Razorpay की स्थापना 2014 में हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने की थी। शुरुआत में यह कंपनी केवल पेमेंट गेटवे सेवाएं प्रदान करती थी, लेकिन समय के साथ इसने एक बड़े फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म का रूप ले लिया।

आज कंपनी पेमेंट प्रोसेसिंग के साथ-साथ बैंकिंग, पेरोल, लोन और अन्य डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज भी उपलब्ध कराती है।

स्टार्टअप से यूनिकॉर्न तक का सफर

रेजरपे को साल 2020 में यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से अधिक वैल्यू वाली कंपनी) का दर्जा मिला था। इसके बाद कंपनी ने अपने कारोबार को तेजी से विस्तार दिया और देशभर में लाखों स्टार्टअप्स, MSMEs और बड़ी कंपनियों को अपनी सेवाएं देना शुरू किया।

किन कंपनियों को देती है सेवाएं

Razorpay देशभर में छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े कॉरपोरेट्स तक को डिजिटल पेमेंट समाधान उपलब्ध कराती है। इसमें शामिल हैं—

  • स्टार्टअप्स
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)
  • बड़ी कॉरपोरेट कंपनियां
  • ई-कॉमर्स और ऑनलाइन बिजनेस प्लेटफॉर्म

फिनटेक सेक्टर में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि रेजरपे का आईपीओ भारतीय फिनटेक बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। कंपनी का बढ़ता बिजनेस और डिजिटल पेमेंट सेक्टर में मजबूत पकड़ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना सकती है।

निष्कर्ष

Razorpay का आईपीओ देश के स्टार्टअप और फिनटेक इकोसिस्टम में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। अब सभी की नजर सेबी की मंजूरी और कंपनी की आधिकारिक लिस्टिंग टाइमलाइन पर टिकी हुई है।

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