भारत पहुंचे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग, रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung सोमवार को अपने आधिकारिक भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। Rashtrapati Bhavan में आयोजित औपचारिक समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरे को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच मजबूत होते संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में आयोजित इस समारोह में दोनों देशों के बीच गहरे मैत्रीपूर्ण संबंधों और विशेष सामरिक साझेदारी को प्रदर्शित किया गया। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक बदलाव तेजी से हो रहे हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग की अहमियत बढ़ती जा रही है।
भारत और South Korea के बीच विशेष सामरिक साझेदारी की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। तब से दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को लगातार विस्तार दिया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30 बिलियन डॉलर से अधिक का है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस मौके पर कहा कि यह यात्रा भारत-दक्षिण कोरिया साझेदारी को और मजबूती देने का अवसर है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि दोनों देश मिलकर भविष्य में सहयोग के नए रास्ते तलाश रहे हैं।
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ली जे-म्युंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच उच्च स्तरीय वार्ता भी प्रस्तावित है। इस बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, बैटरी तकनीक, डिजिटल इकोनॉमी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति व स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।
दिलचस्प बात यह भी रही कि भारत के एयरस्पेस में प्रवेश करने के बाद राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने एक वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे तेजी से विकास करने वाला और सबसे अधिक आबादी वाला देश बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया बिना किसी दबाव के एक-दूसरे के लिए लाभकारी साझेदार बन सकते हैं।
भारत, दक्षिण कोरिया की कंपनियों के लिए एक अहम निवेश गंतव्य बनता जा रहा है। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दक्षिण कोरियाई कंपनियों की मजबूत मौजूदगी है। वहीं भारत भी तकनीकी सहयोग और निवेश के नए अवसरों की तलाश में है।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की रणनीतिक भूमिका को भी सशक्त करेगा। आने वाले समय में इस यात्रा के परिणाम भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्तों को और ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

