Narendra Modi और Nikos Christodoulides के बीच शुक्रवार को हुई मुलाकात ने कूटनीतिक और राजनीतिक हलकों में खास चर्चा बटोरी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच एक खास सेल्फी मोमेंट भी देखने को मिला, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने खुद मोबाइल फोन से प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेल्फी ली, जिसके बाद दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। इस दौरान दोनों के बीच गर्मजोशी और दोस्ताना माहौल साफ नजर आया।
नई दिल्ली स्थित Hyderabad House में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत और साइप्रस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” तक बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया। इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। बैठक में व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बाद कहा कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में होने वाला निवेश लगभग दोगुना हो चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है और भविष्य में आर्थिक सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती देगा।
बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में जारी तनाव और यूक्रेन युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने समुद्री सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
Cyprus के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार बताते हुए कहा कि साइप्रस भारत के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
इस मुलाकात में निवेश, तकनीक, ऊर्जा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और साइप्रस के बीच बढ़ती साझेदारी यूरोप और भूमध्यसागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
हालांकि इस पूरी बैठक के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस सेल्फी की रही, जिसमें साइप्रस के राष्ट्रपति खुद उत्साह के साथ प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीर लेते नजर आए। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को “दोस्ती और भरोसे की तस्वीर” बताया जा रहा है। कई यूजर्स ने इसे दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक कहा।
भारत और साइप्रस के बीच बढ़ती नजदीकियों को वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के साथ भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में साइप्रस अहम भूमिका निभा सकता है।
इस मुलाकात और रणनीतिक साझेदारी के ऐलान ने साफ कर दिया है कि भारत वैश्विक स्तर पर अपने सहयोगियों के साथ संबंधों को नई दिशा देने में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

