नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग के अगले सीजन की तैयारियां शुरू होने से पहले पंजाब किंग्स के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दिसंबर 2026 में होने वाले ऑक्शन से पहले टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीम के साथ जुड़े दो ऑस्ट्रेलियाई कोचों ने फ्रेंचाइजी से अलग होने का फैसला किया है। इससे टीम मैनेजमेंट को आगामी सीजन से पहले कोचिंग स्टाफ में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां करनी पड़ सकती हैं।
टीम के फील्डिंग कोच ब्रैड हैडिन और तेज गेंदबाजी कोच जेम्स होप्स ने फ्रेंचाइजी को अपने फैसले की जानकारी दे दी है। दोनों के जाने के बाद टीम प्रबंधन अब उनके विकल्प तलाशने की तैयारी में जुट गया है। इससे पहले स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले भी टीम से अलग हो चुके हैं। ऐसे में फ्रेंचाइजी को अब कम से कम तीन प्रमुख कोचिंग पदों पर नए चेहरों की तलाश करनी पड़ सकती है।
BBL में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना
ब्रैड हैडिन और जेम्स होप्स के आगे के करियर को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि दोनों ऑस्ट्रेलियाई कोच बिग बैश लीग में नई जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं। हालांकि, उनकी अगली नियुक्ति को लेकर अंतिम स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
ब्रैड हैडिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज रहे हैं और पंजाब किंग्स के साथ फील्डिंग कोच की भूमिका निभा रहे थे। उनके अनुभव का इस्तेमाल टीम के खिलाड़ियों की फील्डिंग और फिटनेस से जुड़े पहलुओं को बेहतर बनाने में किया जा रहा था।
वहीं, जेम्स होप्स पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज हैं। वह टीम के तेज गेंदबाजी कोच के तौर पर काम कर रहे थे। होप्स को मुख्य कोच रिकी पोंटिंग के करीबी लोगों में माना जाता है। वह पोंटिंग के साथ ही एक अन्य फ्रेंचाइजी से पंजाब किंग्स के कोचिंग सेटअप में पहुंचे थे।
पोंटिंग के सामने बड़ी जिम्मेदारी
कोचिंग स्टाफ में लगातार हो रहे बदलाव के बीच मुख्य कोच रिकी पोंटिंग की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब उन्हें टीम के लिए नए कोचिंग स्टाफ के चयन में अहम भूमिका निभानी होगी।
फ्रेंचाइजी प्रबंधन संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा कर रहा है। मैनेजमेंट की ओर से कुछ विकल्प मुख्य कोच के सामने रखे जा सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला पोंटिंग की राय के आधार पर होने की संभावना है।
टीम के लिए यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब अगले सीजन की रणनीति तैयार की जा रही है। दिसंबर में होने वाले ऑक्शन से पहले टीम को अपनी जरूरतों का आकलन करना होगा। नए खिलाड़ियों के चयन के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ को मजबूत करना भी फ्रेंचाइजी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
पंजाब किंग्स ने पिछले कुछ सीजन में अपनी टीम को मजबूत बनाने के लिए कई बदलाव किए हैं। अब कोचिंग स्टाफ में हुए इन बदलावों के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि फ्रेंचाइजी किन नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपती है और आगामी सीजन के लिए टीम की रणनीति किस तरह तैयार की जाती है।

