Donald Trump Turkey Visit: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप NATO के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए तुर्किये रवाना हो गए हैं। ट्रंप ने सोमवार, 6 जुलाई को मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज से एयर फोर्स वन में उड़ान भरी। वह मंगलवार, 7 जुलाई की दोपहर तुर्किये की राजधानी अंकारा पहुंचेंगे। यहां तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन उनका स्वागत करेंगे। ट्रंप का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब NATO देशों के बीच रक्षा खर्च, यूरोप की सुरक्षा और गठबंधन में अमेरिका की भूमिका को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
7 और 8 जुलाई को होगा NATO समिट
NATO का शिखर सम्मेलन 7 और 8 जुलाई 2026 को अंकारा में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में गठबंधन के सभी 32 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता NATO के महासचिव मार्क रुटे करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों की सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना, रक्षा उत्पादन बढ़ाना और यूरोपीय देशों पर रक्षा की अधिक जिम्मेदारी डालना है।
तुर्किये पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप सबसे पहले राष्ट्रपति एर्दोगन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इससे पहले उनके लिए राजकीय स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा और वह गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। मंगलवार शाम ट्रंप NATO देशों के नेताओं के लिए आयोजित सोशल डिनर में हिस्सा लेंगे।
जेलेंस्की से यूक्रेन युद्ध पर होगी बातचीत
बुधवार को ट्रंप NATO नेताओं के आधिकारिक स्वागत समारोह और फैमिली फोटो सेशन में शामिल होंगे। इसके बाद गठबंधन के नेताओं का मुख्य वर्किंग सेशन आयोजित किया जाएगा। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप बुधवार दोपहर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से अलग बैठक करेंगे।
दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, युद्ध के मैदान में पिछले कुछ महीनों से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और ट्रंप जल्द से जल्द संघर्ष को रोकने की दिशा में प्रगति चाहते हैं। जेलेंस्की से बातचीत के बाद ट्रंप रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी संपर्क कर सकते हैं।
ट्रंप की सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से भी द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। इस दौरान सीरिया की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अमेरिका-सीरिया संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। अंकारा से रवाना होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे।
रक्षा खर्च को लेकर सहयोगी देशों पर दबाव
इस समिट में रक्षा खर्च सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। ट्रंप लंबे समय से यूरोपीय NATO देशों पर अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त धन खर्च नहीं करने का आरोप लगाते रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि यूरोपीय सदस्य देश अपनी रक्षा क्षमताएं बढ़ाएं और गठबंधन की सुरक्षा का अधिक बोझ उठाएं। समिट के दौरान अरबों डॉलर के रक्षा समझौतों की घोषणा भी होने की संभावना है।
ट्रंप ने हाल के दिनों में राष्ट्रपति एर्दोगन की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने एर्दोगन को अपना दोस्त और मजबूत नेता बताया था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि यदि इस साल का NATO समिट तुर्किये में एर्दोगन की मेजबानी में आयोजित नहीं होता, तो संभवतः वह इसमें शामिल नहीं होते। ट्रंप के इस बयान को तुर्किये की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका और यूरोपीय सहयोगियों के साथ उनके तनावपूर्ण रिश्तों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

