आजकल लोग वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए मॉल जाना काफी पसंद करते हैं। कोई शॉपिंग करने जाता है, कोई फिल्म देखने, तो कोई सिर्फ घूमने और खाने-पीने के लिए। अगर आपने कभी ध्यान दिया हो, तो एक बात लगभग हर बड़े मॉल में समान नजर आएगी — फूड कोर्ट अक्सर सबसे ऊपर यानी टॉप फ्लोर पर ही बनाया जाता है।
पहली नजर में यह सिर्फ डिजाइन का हिस्सा लग सकता है, लेकिन असल में इसके पीछे बिजनेस, साइकोलॉजी और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े कारण होते हैं। मॉल डिजाइन करने वाले विशेषज्ञ इसे बहुत सोच-समझकर तय करते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों अधिकतर मॉल में फूड कोर्ट सबसे ऊपरी मंजिल पर बनाए जाते हैं।
1. शॉपिंग बढ़ाने की खास रणनीति
मॉल में फूड कोर्ट को ऊपर बनाने का सबसे बड़ा कारण “शॉपिंग साइकोलॉजी” माना जाता है।
जब कोई व्यक्ति खाने के लिए फूड कोर्ट तक जाता है, तो उसे नीचे से ऊपर तक लगभग सभी फ्लोर से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान उसकी नजर अलग-अलग दुकानों, ब्रांड्स और ऑफर्स पर पड़ती है।
कई बार लोग केवल खाना खाने जाते हैं, लेकिन रास्ते में कोई कपड़ा, जूता, गैजेट या दूसरी चीज पसंद आ जाती है और वे खरीदारी कर लेते हैं। इससे मॉल की बाकी दुकानों की बिक्री भी बढ़ती है।
यानी आसान शब्दों में कहें तो फूड कोर्ट लोगों को पूरे मॉल में घुमाने का एक स्मार्ट तरीका भी होता है।
2. खाने की खुशबू और धुएं को नियंत्रित करना आसान
फूड कोर्ट में कई रेस्टोरेंट और किचन एक साथ काम करते हैं। वहां लगातार खाना बनता रहता है, जिससे धुआं और गर्मी पैदा होती है।
अगर फूड कोर्ट नीचे की मंजिल पर हो, तो धुआं पूरे मॉल में फैल सकता है और शॉपिंग का माहौल खराब हो सकता है। लेकिन टॉप फ्लोर पर होने की वजह से वेंटिलेशन सिस्टम आसानी से धुआं बाहर निकाल देता है।
इससे:
- मॉल के बाकी हिस्से साफ और फ्रेश बने रहते हैं
- एयर कंडीशनिंग बेहतर तरीके से काम करती है
- लोगों को शॉपिंग के दौरान परेशानी नहीं होती
3. सुरक्षा के लिहाज से भी फायदेमंद
मॉल डिजाइन में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होती है। फूड कोर्ट में गैस, बिजली और किचन उपकरणों का इस्तेमाल होता है, इसलिए वहां आग लगने का खतरा भी अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है।
टॉप फ्लोर पर फूड कोर्ट होने से आपातकालीन स्थिति में लोगों को जल्दी बाहर निकाला जा सकता है। छत या ऊपरी निकासी मार्गों का इस्तेमाल करना आसान होता है।
वहीं नीचे मौजूद लोग सीधे ग्राउंड फ्लोर से बाहर निकल सकते हैं। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
4. टॉप फ्लोर की वैल्यू बढ़ाने का तरीका
अधिकतर लोग मॉल में निचली मंजिलों पर ज्यादा समय बिताते हैं। ऐसे में ऊपर के फ्लोर पर भी भीड़ लाने के लिए फूड कोर्ट को वहां बनाया जाता है।
खाने-पीने की जगह ऐसी चीज होती है जहां लगभग हर व्यक्ति जाता है। इसलिए फूड कोर्ट को ऊपर रखने से टॉप फ्लोर पर भी फुटफॉल बढ़ जाता है।
इसके आसपास गेमिंग जोन, मल्टीप्लेक्स और एंटरटेनमेंट एरिया भी बनाए जाते हैं ताकि लोग ज्यादा समय मॉल में बिताएं।
5. शानदार व्यू और आरामदायक माहौल
कई बड़े मॉल अपने फूड कोर्ट को इस तरह डिजाइन करते हैं कि वहां से शहर का अच्छा दृश्य दिखाई दे। ऊपरी मंजिल पर बैठकर खाना खाने का अनुभव लोगों को ज्यादा पसंद आता है।
इसी वजह से कई मॉल टॉप फ्लोर पर खुला बैठने का एरिया, ग्लास डिजाइन और बेहतर लाइटिंग का इस्तेमाल करते हैं।
निष्कर्ष
मॉल में फूड कोर्ट को टॉप फ्लोर पर बनाना केवल डिजाइन का हिस्सा नहीं, बल्कि एक सोच-समझकर बनाई गई रणनीति होती है। इससे न केवल दुकानों की बिक्री बढ़ती है, बल्कि वेंटिलेशन, सुरक्षा और ग्राहकों के अनुभव को भी बेहतर बनाया जाता है।
अगली बार जब आप किसी मॉल में जाएं और ऊपर फूड कोर्ट देखें, तो समझ जाइए कि इसके पीछे बिजनेस और साइंस दोनों का बड़ा खेल छिपा हुआ है।

