नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों को संबंधित अदालत में पेश किया, जिसके बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया गया। वहीं, अजिंक्य शिंदे से 5,000 रुपये का बेल बॉन्ड भरवाया गया। इस कार्रवाई के बाद राजधानी में प्रदर्शन की अनुमति और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बिना अनुमति प्रदर्शन करने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के दौरान पुलिस ने तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि हाल ही में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद वहां आयोजित प्रदर्शन को लेकर विवाद हुआ। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में तीनों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया।
अदालत में पेशी के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों के खिलाफ बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का मामला भी सामने आया है। दूसरी ओर, अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का बेल बॉन्ड भरने के बाद रिहा किया गया। बताया गया है कि इस बॉन्ड के माध्यम से उनसे भविष्य में शांति भंग नहीं करने की शर्त का पालन करने को कहा गया है।
CJP ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
अपने नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई पर कॉकरोच जनता पार्टी ने सवाल उठाए हैं। संगठन की ओर से पूछा गया कि क्या तिरंगा लहराना भी अब अपराध बन गया है? इस बयान के जरिए पार्टी ने प्रदर्शन के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और अपने नेताओं के समर्थन में आवाज उठाई।
संगठन का कहना है कि वह अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करेगा और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएगा। पार्टी की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को राहत दिलाने के लिए जमानत संबंधी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाएगी पार्टी
पार्टी की वकील अभिष्ट हेला के अनुसार, जमानत के लिए किस अदालत में आवेदन किया जाएगा, यह कानूनी अधिकारों और मामले की परिस्थितियों से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि संगठन कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगा और आगे की कार्रवाई के बारे में उचित समय पर जानकारी दी जाएगी।
इस बीच, अजिंक्य शिंदे ने दावा किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने जेल जाते समय कहा था कि वे सिर उठाकर जेल जा रहे हैं और देश के लोगों को संदेश दिया है कि वे डरेंगे नहीं। इस बयान के बाद संगठन के समर्थकों के बीच मामले को लेकर चर्चा जारी है।
स्वतंत्र दबाव समूह होने का दावा
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने संगठन के राजनीतिक पंजीकरण को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्पष्टीकरण दिया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि वह एक स्वतंत्र दबाव समूह है और इसी रूप में काम करता रहेगा। साथ ही, पार्टी ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब किसी विपक्षी गठबंधन के खिलाफ होना नहीं है।
फिलहाल, मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत से जुड़ी आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और विरोध करने के अधिकार को लेकर यह मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है। आगे की स्थिति अदालत में होने वाली कार्यवाही और संबंधित अधिकारियों की ओर से सामने आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।

