मुंबई: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) को पहले ही दिन संस्थागत निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। सरकार की ओर से एलआईसी में हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाए गए इस ओएफएस में संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को 3.31 गुना यानी 331.86 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला। इस मजबूत मांग ने यह संकेत दिया है कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
सरकार संस्थागत निवेशकों के लिए 28.46 करोड़ से अधिक शेयर 382 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेच रही है। मंगलवार को बोली लगाने की प्रक्रिया पूरी होने तक निवेशकों ने 94.45 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। प्राप्त बोलियों का संकेतक मूल्य 383.84 रुपये प्रति शेयर रहा, जो फ्लोर प्राइस से थोड़ा अधिक है।
संस्थागत निवेशकों में म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, बैंक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) और अन्य बड़े वित्तीय संस्थान शामिल हैं। पहले दिन मिली मजबूत मांग को सरकार की विनिवेश योजना के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
अब रिटेल निवेशकों की बारी है। एलआईसी के इस ओएफएस में रिटेल निवेशक बुधवार को बोली लगा सकेंगे। सरकार एलआईसी में अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी, यानी 82.22 करोड़ से अधिक शेयर, चरणबद्ध तरीके से बेच रही है। इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए सरकार को लगभग 31,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
इस ओएफएस का एक प्रमुख उद्देश्य एलआईसी में सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding) बढ़ाना भी है। वर्तमान में कंपनी में भारत सरकार की हिस्सेदारी 96.5 प्रतिशत है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एलआईसी को 16 मई 2027 तक कम से कम 10 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी हासिल करने की समय सीमा दी है। मौजूदा हिस्सेदारी बिक्री के बाद कंपनी इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करेगी।
हालांकि, ओएफएस की घोषणा का असर एलआईसी के शेयरों पर साफ दिखाई दिया। मंगलवार को कंपनी का शेयर 7.86 प्रतिशत यानी 33.35 रुपये की गिरावट के साथ 391 रुपये पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ओएफएस आमतौर पर मौजूदा बाजार भाव से छूट (डिस्काउंट) पर लाया जाता है, जिससे शेयर की कीमत पर अल्पकालिक दबाव पड़ता है।
सोमवार को एलआईसी का शेयर 424.35 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को यह 393.10 रुपये पर खुला। दिन के कारोबार में शेयर 402.35 रुपये के उच्च स्तर और 389 रुपये के निचले स्तर तक गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि ओएफएस के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव रहा।
एलआईसी का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 468.30 रुपये और 52 सप्ताह का निचला स्तर 361 रुपये है। मौजूदा स्तर पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 4.95 लाख करोड़ रुपये है, जो इसे भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों में बनाए रखता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि संस्थागत निवेशकों से मिली मजबूत प्रतिक्रिया रिटेल निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। हालांकि, निवेशकों को बोली लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन और दीर्घकालिक संभावनाओं का आकलन जरूर करना चाहिए।

