भारत के आईटी सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने कर्मचारियों और बाजार दोनों को चौंका दिया है। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही (Q4) में देश की प्रमुख आईटी कंपनियों इंफोसिस और टेक महिंद्रा ने मिलकर 10,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। इस कदम के बाद पूरे आईटी उद्योग में हलचल तेज हो गई है और कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ने लगी है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस तिमाही में इंफोसिस ने करीब 8,440 कर्मचारियों की संख्या घटाई, जबकि टेक महिंद्रा में लगभग 1,993 कर्मचारियों की कमी दर्ज की गई। इस तरह कुल मिलाकर 10,433 लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। यह गिरावट ऐसे समय में सामने आई है, जब उम्मीद की जा रही थी कि आईटी सेक्टर धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि, सेक्टर की पूरी तस्वीर एक जैसी नहीं है। कुछ अन्य बड़ी कंपनियों ने इस दौरान अपने वर्कफोर्स में इजाफा भी किया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने करीब 2,356 नए कर्मचारियों को जोड़ा, जबकि HCLTech में 802 और विप्रो में 135 कर्मचारियों की बढ़ोतरी हुई। इससे यह साफ होता है कि आईटी सेक्टर में इस समय मिश्रित रुझान देखने को मिल रहे हैं—जहां कुछ कंपनियां विस्तार कर रही हैं, वहीं कुछ लागत कम करने की दिशा में कदम उठा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों का तेजी से बढ़ता प्रभाव है। कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को बदलते टेक्नोलॉजी ट्रेंड्स के अनुसार ढाल रही हैं। इसके चलते कई पारंपरिक भूमिकाएं अब अप्रासंगिक होती जा रही हैं, जबकि नई स्किल्स जैसे AI, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि जहां एक ओर नई भर्तियां हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने रोल्स में छंटनी भी देखने को मिल रही है।
इसके अलावा, नैसकॉम की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में आईटी सेक्टर में हायरिंग ग्रोथ भी धीमी पड़ गई है। इंडस्ट्री में कुल कर्मचारियों की संख्या में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन नई नौकरियों की रफ्तार पहले जैसी नहीं रही। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में नौकरी बाजार और प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा संदेश यह है कि अब केवल पारंपरिक आईटी स्किल्स के भरोसे करियर बनाना मुश्किल होता जा रहा है। कर्मचारियों के लिए जरूरी हो गया है कि वे लगातार नई तकनीकों को सीखें और खुद को अपडेट रखें। बदलते दौर में स्किल-बेस्ड हायरिंग ही भविष्य तय करेगी।
कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यह बदलाव जहां कुछ लोगों के लिए चुनौती बनकर सामने आ रहा है, वहीं नए अवसरों के दरवाजे भी खोल रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां और कर्मचारी इस बदलते परिदृश्य के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं।

