24 Apr 2026, Fri

Iran-US War: ईरान ने गिनाया ट्रंप द्वारा 1 घंटे में बोला गया 7 झूठ, कहा-ऐसा ही रहा तो फिर से बंद कर देंगे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

Iran-US War: ईरान का ट्रंप पर बड़ा आरोप, 1 घंटे में 7 झूठ बोलने का दावा, होर्मुज फिर बंद करने की चेतावनी

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां दोनों देशों के बीच जारी शांति वार्ता के प्रयासों के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने एक घंटे के भीतर सात बड़े झूठ बोले हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद किया जा सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम समुद्री मार्ग है, पहले से ही तनाव का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में ईरान ने इसे सभी देशों के लिए खोलने का ऐलान किया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में थोड़ी राहत की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, अमेरिका के सख्त रुख के बाद यह स्थिति फिर से अनिश्चित हो गई है।

ईरान ने ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने एक घंटे में सात झूठे दावे किए हैं। गालिबाफ ने कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी से न तो युद्ध जीता जा सकता है और न ही किसी कूटनीतिक बातचीत में सफलता मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि “यदि अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहती है तो होर्मुज जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।” ईरान का कहना है कि इस महत्वपूर्ण मार्ग से जहाजों की आवाजाही केवल “ईरानी प्राधिकरण” की अनुमति और तय नियमों के तहत ही होगी।

होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव

ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति सोशल मीडिया बयानों या राजनीतिक दावों से तय नहीं होगी, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों और रणनीतिक फैसलों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। गालिबाफ ने कहा कि मीडिया युद्ध और प्रचार वैश्विक राजनीति का हिस्सा हैं, लेकिन ईरानी जनता इनसे प्रभावित नहीं होती।

ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखता है, तो होर्मुज को फिर से बंद किया जा सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ट्रंप का बयान और अमेरिका का रुख

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कदम का स्वागत करते हुए इसे अमेरिका की कूटनीतिक जीत बताया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक ईरान के साथ पूर्ण और स्थायी समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिका अपनी सैन्य और रणनीतिक उपस्थिति बनाए रखेगा।

ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किसी भी प्रकार के शुल्क या प्रतिबंध को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इस क्षेत्र में अमेरिकी नियंत्रण जारी रहेगा।

शांति वार्ता पर अनिश्चितता

ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की संभावना बनी हुई है, लेकिन मौजूदा तनाव ने इस प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और लगातार बयानबाज़ी ने बातचीत की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरान ने पाकिस्तान और अन्य मध्यस्थ देशों की भूमिका की सराहना भी की है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन किया है।

वैश्विक असर की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ता है या इसे दोबारा बंद किया जाता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा। इस मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से को कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है, इसलिए कोई भी रुकावट ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल ला सकती है।

निष्कर्ष

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। जहां एक तरफ शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बयानबाज़ी और चेतावनियों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश बातचीत के जरिए समाधान निकाल पाते हैं या तनाव और बढ़ता है।

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