आईपीएल 2026 का 19वां सीजन बल्लेबाजों के लिए अब तक सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता दिख रहा है। इस सीजन में लगातार बड़े स्कोर देखने को मिल रहे हैं, जहां कई मैचों में 200 से अधिक रन आसानी से बन रहे हैं और टीमें इन बड़े लक्ष्यों का सफलतापूर्वक पीछा भी कर रही हैं। लेकिन इस हाई-स्कोरिंग ट्रेंड का सबसे ज्यादा असर गेंदबाजों पर पड़ा है, जो इस सीजन में जमकर रन लुटाते नजर आ रहे हैं। कई बड़े नामी गेंदबाज भी इस सूची में शामिल हैं, जिनके आंकड़े इस बार चिंताजनक रहे हैं।
सबसे ज्यादा रन देने के मामले में कगिसो रबाडा इस समय शीर्ष पर हैं। गुजरात टाइटंस के लिए खेल रहे रबाडा ने 9 मुकाबलों में कुल 338 रन खर्च किए हैं। उनकी गति और अनुभव के बावजूद बल्लेबाजों ने उन्हें इस सीजन में जमकर निशाना बनाया है।
दूसरे नंबर पर नांद्रे बर्गर का नाम है, जो राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा हैं। बर्गर ने 10 मैचों में 336 रन दिए हैं और सिर्फ 9 विकेट ही ले पाए हैं। उनका इकोनॉमी रेट और औसत दोनों ही टीम के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
तीसरे स्थान पर अर्शदीप सिंह हैं, जो पंजाब किंग्स के प्रमुख गेंदबाज हैं। अर्शदीप ने 8 मैचों में 329 रन दिए हैं और केवल 8 विकेट ही हासिल किए हैं। उनका औसत 41.12 रहा है, जो उनके स्तर के गेंदबाज के लिए काफी ज्यादा माना जाता है। हालांकि उनकी टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर उनका फॉर्म सवालों के घेरे में है।
चौथे नंबर पर जोफ्रा आर्चर हैं, जो राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हैं। आर्चर ने 10 मैचों में 319 रन दिए हैं। हालांकि वह विकेट लेने के मामले में इस सीजन के टॉप गेंदबाजों में शामिल हैं, लेकिन रन खर्च करने के मामले में भी उनका नाम ऊपर होना उनके प्रदर्शन की दोहरी तस्वीर पेश करता है।
इस सूची में पांचवें स्थान पर टी नटराजन हैं, जो दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हैं। नटराजन ने 9 मैचों में 317 रन दिए हैं और केवल 5 विकेट लिए हैं। उनका औसत 63.4 रहा है, जो बेहद खराब माना जा रहा है। खासतौर पर डेथ ओवर्स में उनकी गेंदबाजी महंगी साबित हुई है।
इस सीजन में गेंदबाजों की इस स्थिति का मुख्य कारण पिचों का बल्लेबाजी के अनुकूल होना, छोटे मैदान और आक्रामक बल्लेबाजी रणनीतियां हैं। टीमें अब शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश कर रही हैं, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया है।
कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 का यह सीजन जहां बल्लेबाजों के लिए रिकॉर्ड बनाने का मंच बन गया है, वहीं गेंदबाजों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि गेंदबाज वापसी कर पाते हैं या बल्लेबाजों का दबदबा इसी तरह जारी रहता है।

