नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बड़ा झटका देते हुए छह प्रमुख विदेशी गंतव्यों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। एयरलाइन ने बढ़ती परिचालन लागत, कमजोर यात्रा मांग और वैश्विक बाजार की चुनौतियों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। कंपनी के इस निर्णय का असर उन हजारों यात्रियों पर पड़ सकता है, जिन्होंने आगामी महीनों में इन देशों की यात्रा की योजना बनाई थी।
इंडिगो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से हांगकांग, शंघाई, हो ची मिन्ह सिटी, लंगकावी और क्राबी के लिए उड़ान सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी जाएंगी। इसके अलावा कंबोडिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिएम रीप के लिए उड़ानों का संचालन 3 जुलाई 2026 से बंद किया जाएगा। फिलहाल यह निलंबन 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।
एयरलाइन का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही है। वहीं ईंधन की बढ़ती कीमतों, परिचालन खर्चों और अन्य आर्थिक चुनौतियों के कारण इन रूट्स का संचालन व्यावसायिक रूप से लाभदायक नहीं रह गया था। ऐसे में कंपनी ने अस्थायी रूप से सेवाएं रोकने का निर्णय लिया है ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला स्थायी नहीं है और बाजार की स्थिति में सुधार होने पर इन मार्गों पर उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू की जा सकती हैं। एयरलाइन लगातार अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की समीक्षा कर रही है और यात्रियों की मांग के अनुसार भविष्य में नए निर्णय लिए जाएंगे।
इस फैसले का सबसे अधिक असर पर्यटन और व्यापारिक यात्राओं पर पड़ सकता है। हांगकांग और शंघाई जैसे शहर एशिया के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र माने जाते हैं, जबकि हो ची मिन्ह सिटी, क्राबी, लंगकावी और सिएम रीप भारतीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। जुलाई से सितंबर के बीच बड़ी संख्या में भारतीय यात्री इन गंतव्यों की यात्रा करते हैं, ऐसे में उड़ानों के बंद होने से उन्हें वैकल्पिक एयरलाइनों की सेवाएं लेनी पड़ सकती हैं।
यात्रा उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइंस वर्तमान समय में लागत नियंत्रण और लाभप्रदता पर विशेष ध्यान दे रही हैं। यदि किसी रूट पर यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम होती है, तो कंपनियां अस्थायी रूप से सेवाएं बंद करने का विकल्प चुनती हैं। इंडिगो का यह कदम भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को आश्वासन दिया है कि जिन लोगों ने पहले से टिकट बुक कर रखी है, उन्हें रिफंड या वैकल्पिक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए यात्रियों को इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यदि अंतरराष्ट्रीय यात्रा मांग में सुधार होता है और परिचालन लागत नियंत्रित होती है, तो इंडिगो इन मार्गों पर अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर सकती है। फिलहाल यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है और उन्हें अन्य एयरलाइनों के विकल्प तलाशने होंगे।

