मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज और टी20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक खिलाड़ियों में गिने जाने वाले सूर्यकुमार यादव इन दिनों अपने करियर के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। एक समय मैदान के हर कोने में चौके-छक्के लगाने के लिए मशहूर रहे सूर्यकुमार का बल्ला पिछले कुछ महीनों से खामोश नजर आ रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद से शुरू हुआ उनका खराब प्रदर्शन लगातार जारी है और अब मुंबई टी20 लीग में भी वह रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से यह टूर्नामेंट उनके लिए यादगार नहीं रहा। पूरे टूर्नामेंट में वह बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। इसके बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में भी उनसे बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वहां भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
आईपीएल में खराब फॉर्म के बाद सूर्यकुमार ने अपनी लय वापस हासिल करने के उद्देश्य से मुंबई टी20 लीग में खेलने का फैसला किया। क्रिकेट विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि घरेलू टूर्नामेंट में वह आत्मविश्वास हासिल करेंगे और बड़े स्कोर बनाकर वापसी का संकेत देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मुंबई टी20 लीग में भी उनका बल्ला शांत नजर आ रहा है।
ट्रायम्फ नाइट्स एमएनई टीम की ओर से खेल रहे सूर्यकुमार यादव हाल ही में बांद्रा ब्लास्टर्स के खिलाफ मुकाबले में केवल 6 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हो गए। इससे पहले खेले गए मैच में भी वह सिर्फ 19 रन ही बना सके थे। लगातार दो मुकाबलों में असफल रहने के बाद उनके फॉर्म को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें उनकी अगली पारी पर टिकी हैं, जहां उनकी टीम का मुकाबला SOBO मुंबई फालकन्स से होगा।
सूर्यकुमार के लगातार खराब प्रदर्शन का असर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर भी पड़ा है। चयनकर्ताओं ने हालिया प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए उनसे भारतीय टी20 टीम की कप्तानी वापस ले ली है। उनकी जगह श्रेयस अय्यर को नया टी20 कप्तान बनाया गया है। इतना ही नहीं, खराब फॉर्म के कारण सूर्यकुमार को राष्ट्रीय टी20 टीम से भी बाहर कर दिया गया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने 9 पारियों में केवल 242 रन बनाए थे। वहीं आईपीएल 2026 में 13 पारियों में उनके बल्ले से सिर्फ 270 रन निकले। यह प्रदर्शन उनके स्तर के खिलाड़ी के लिए काफी साधारण माना जा रहा है। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने टीम में बदलाव का फैसला लिया।
हालांकि क्रिकेट जानकारों का मानना है कि सूर्यकुमार यादव जैसे अनुभवी और प्रतिभाशाली बल्लेबाज को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कई मौकों पर भारतीय टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है और अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच जिताए हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दो टी20 विश्व कप खिताब भी जीते हैं, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को साबित करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सूर्यकुमार यादव जल्द ही अपने पुराने रंग में लौट पाएंगे। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि यह स्टार बल्लेबाज जल्द ही अपनी लय हासिल करेगा और एक बार फिर मैदान पर वही आक्रामक अंदाज दिखाएगा, जिसने उसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टी20 बल्लेबाजों में शामिल किया था।

