परीक्षा में कथित नकल के मामले के बाद छात्र की मौत की जांच जारी, परिवार ने प्रोफेसर पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए
मुंबई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में पढ़ने वाले 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, परीक्षा के दौरान कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद साहिल ने संस्थान को लिखित बयान दिया था। इसमें उसने स्वीकार किया था कि उसने परीक्षा की अच्छी तैयारी नहीं की थी। साथ ही, अपनी गलती मानते हुए एक और मौका देने की अपील भी की थी।
इस मामले की जांच मुंबई अपराध शाखा कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के सिलसिले में अब तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के बयान भी शामिल हैं। पुलिस विभिन्न पक्षों से मिली जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है।
परीक्षा में कथित नकल के कुछ घंटे बाद हुई थी मौत
साहिल वाकोडे बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। उसका शव 18 सितंबर की शाम संस्थान के छात्रावास स्थित कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था। घटना से कुछ घंटे पहले वह मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि परीक्षा से जुड़ी घटना के बाद क्या परिस्थितियां बनीं और छात्र की मौत से संबंधित सभी पहलुओं को किस तरह समझा जा सकता है। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले घटना के पीछे किसी एक कारण को निश्चित रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
लिखित बयान में गलती स्वीकार करने की बात
पुलिस के अनुसार, परीक्षा में कथित नकल के मामले के बाद साहिल ने संस्थान को दिए अपने लिखित बयान में कहा था कि उसकी परीक्षा की तैयारी पर्याप्त नहीं थी। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए दोबारा मौका देने का अनुरोध किया था।
जांच एजेंसियां इस बयान और परीक्षा से संबंधित घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही हैं। इन तथ्यों के आधार पर घटना से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।
परिवार ने प्रोफेसर पर लगाए गंभीर आरोप
साहिल के माता-पिता रवींद्र और सोनाली वाकोडे ने अपने बेटे के साथ उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव किए जाने के आरोप लगाए हैं। परिवार ने मामले में न्याय की मांग की है। छात्र के पिता की शिकायत के बाद पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
हालांकि, पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर ने अपने बयान में परिवार की ओर से लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है। इसलिए इन आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
न्याय की मांग को लेकर परिवार ने किया प्रदर्शन
साहिल के माता-पिता ने 24 सितंबर को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की थी। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस कई लोगों के बयान दर्ज करने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। जांच में परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम, परिवार के आरोपों और संबंधित पक्षों के बयानों की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर होगी।

