8 Oct 2026, Thu

IIT एग्जाम क्रैक कर छोड़ी पढ़ाई, बनीं एक्ट्रेस और जीते 3 नेशनल अवॉर्ड, नाना पाटेकर की पत्नी की अनसुनी कहानी

मुंबई: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके परिवार और निजी जिंदगी से जुड़ी कई बातें एक बार फिर चर्चा में हैं। नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांती पाटेकर खुद भी एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री रही हैं। उन्होंने मराठी रंगमंच और सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि पढ़ाई में बेहद मेधावी होने के बावजूद उन्होंने इंजीनियरिंग की राह छोड़कर अभिनय को अपना करियर चुना।

नीलकांती ने विज्ञान विषय से पढ़ाई की और फिजिक्स में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा भी पास की थी। यह उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और प्रतिभा को दर्शाता है। हालांकि, इंजीनियरिंग में आगे बढ़ने के बजाय उन्होंने अपने दिल की सुनी और रंगमंच की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया।

पढ़ाई में थीं बेहद होशियार

नीलकांती पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उनके पिता केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में नौकरी करते थे। नौकरी की वजह से परिवार को अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। इस कारण नीलकांती को बचपन से ही अलग-अलग जगहों और सामाजिक वातावरण को करीब से देखने का अवसर मिला।

पढ़ाई के दौरान उनकी रुचि विज्ञान में थी। उन्होंने फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया। परिवार की इच्छा थी कि वह आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें। इसी दिशा में उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा दी और उसे सफलतापूर्वक पास भी किया।

लेकिन परीक्षा में सफलता मिलने के बावजूद नीलकांती ने इंजीनियरिंग को अपना भविष्य नहीं बनाया। उनका झुकाव अभिनय और रंगमंच की ओर था। उन्होंने पारंपरिक और सुरक्षित करियर की जगह थिएटर को चुना और इसी फैसले ने आगे चलकर उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।

रंगमंच से शुरू हुआ अभिनय का सफर

नीलकांती ने मराठी थिएटर से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। रंगमंच पर काम करते हुए उन्होंने अभिनय की बारीकियों को समझा और अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने मराठी सिनेमा में भी काम किया।

उनकी अदाकारी में सहजता और गंभीरता देखने को मिली। उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला और उन्होंने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए।

अपनी पहचान बनाने में रहीं सफल

नाना पाटेकर जैसे बड़े अभिनेता के साथ जीवन जुड़ने के बावजूद नीलकांती की पहचान केवल उनकी पत्नी के रूप में सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने अभिनय करियर और उपलब्धियों के दम पर अलग मुकाम बनाया। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि करियर का फैसला केवल उपलब्ध अवसरों के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी रुचि और जुनून को ध्यान में रखकर भी किया जा सकता है।

आईआईटी की परीक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग छोड़कर थिएटर चुनना नीलकांती के जीवन का बड़ा फैसला था। उन्होंने जिस क्षेत्र में अपना मन लगाया, उसी में सफलता हासिल की और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाया।

नाना पाटेकर के निधन के बाद अब उनके परिवार से जुड़ी यह कहानी फिर लोगों के सामने आई है। नीलकांती की यात्रा पढ़ाई, करियर और अपने सपने के बीच खुद का रास्ता चुनने की प्रेरक कहानी के तौर पर देखी जा सकती है।

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