आईसीसी ने लगातार तीसरी बार महिला टी20 विश्व कप के लिए पूरी तरह महिला मैच ऑफिशियल्स का पैनल नियुक्त किया है। यह कदम महिला क्रिकेट में बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। टूर्नामेंट में कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें फाइनल मैच भी शामिल है। इन सभी मुकाबलों के संचालन की जिम्मेदारी इसी चयनित पैनल के हाथों में होगी।
इस बार नियुक्त किए गए 14 अंपायरों और 4 मैच रेफरी में से 9 सदस्य ऐसी हैं, जो इससे पहले 2024 महिला टी20 विश्व कप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अनुभव और दक्षता को देखते हुए आईसीसी ने कई अनुभवी अधिकारियों पर फिर से भरोसा जताया है। ऑस्ट्रेलिया की क्लेयर पोलोसाक इस सूची की सबसे अनुभवी अंपायर हैं। वह छठी बार महिला टी20 विश्व कप में अंपायरिंग करती नजर आएंगी। अब तक वह इस टूर्नामेंट में 22 मैचों में अंपायर की भूमिका निभा चुकी हैं। उनके बाद जैकलीन विलियम्स और किम कॉटन का नाम आता है, जिन्होंने महिला टी20 विश्व कप में 19-19 मैचों में अंपायरिंग की है।
भारत के लिए यह घोषणा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इस बार चार भारतीय महिलाओं को विश्व कप में जिम्मेदारी दी गई है। अनुभवी जीएस लक्ष्मी को मैच रेफरी के रूप में नियुक्त किया गया है। जीएस लक्ष्मी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी निष्पक्षता और अनुभव के लिए जानी जाती हैं और इससे पहले भी कई बड़े टूर्नामेंटों का हिस्सा रह चुकी हैं। इसके अलावा भारतीय अंपायर जननी एन, वृंदा राठी और गायत्री वेणुगोपालन को भी टूर्नामेंट में अंपायरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह भारतीय महिला क्रिकेट प्रशासन और अंपायरिंग क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
आईसीसी द्वारा घोषित अंपायरों के पैनल में लॉरेन एजेनबैग, किम कॉटन, अन्ना हैरिस, शथिरा जाकिर जेसी, केरिन क्लासे, कैंडेस ला बोर्डे, जननी एन, निमाली परेरा, क्लेयर पोलोसाक, वृंदा राठी, सुजैन रेडफर्न, एलोइस शेरिडन, जैकलीन विलियम्स और गायत्री वेणुगोपालन शामिल हैं। वहीं मैच रेफरी पैनल में ट्रुडी एंडरसन, शैंड्रे फ्रिट्ज, जीएस लक्ष्मी और मिशेल परेरा को जगह मिली है।
महिला टी20 विश्व कप 2026 को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। पिछले संस्करण में न्यूजीलैंड ने खिताब जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन इस बार प्रतियोगिता और भी अधिक चुनौतीपूर्ण होने की उम्मीद है। ऐसे में अनुभवी मैच ऑफिशियल्स की भूमिका टूर्नामेंट को सफल और निष्पक्ष बनाने में बेहद अहम साबित होगी। क्रिकेट जगत की नजरें अब इस मेगा इवेंट पर टिकी हैं, जहां दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी।

