Gold-Silver Price Surge: ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद कीमती धातुओं में जोरदार उछाल
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। इस घटनाक्रम का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया। निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में गोल्ड और सिल्वर की ओर रुख किया है।
MCX पर सोना-चांदी में तेज उछाल
घरेलू बाजार में Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोना ₹3,173 की बढ़त के साथ ₹1,48,733 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
वहीं चांदी ने तो रिकॉर्डतोड़ उछाल दिखाया। इसकी कीमत में एक ही दिन में ₹11,924 की बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव ₹2,31,348 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यह तेजी बाजार में अचानक बढ़ी मांग और निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी
केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में उछाल देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 2.3% बढ़कर $4,811.66 प्रति औंस तक पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बावजूद निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए सुरक्षित निवेश विकल्पों को चुना है। यही कारण है कि गोल्ड और सिल्वर में अचानक तेजी आई है।
क्यों बढ़ी कीमतें?
सीजफायर की खबर ने बाजार में अस्थिरता को कम किया है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। निवेशक ऐसे समय में सोना-चांदी को सुरक्षित विकल्प मानते हैं।
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक सप्लाई चेन की अनिश्चितता भी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह
इस तेजी के बीच निवेशकों को कुछ अहम बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- स्थानीय कीमतों की जांच करें: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में सोने-चांदी के दाम अलग-अलग हो सकते हैं।
- GST और मेकिंग चार्ज: सोना खरीदते समय 3% GST और मेकिंग चार्ज को जोड़ना जरूरी है।
- बाजार पर नजर रखें: मौजूदा तेजी अस्थायी भी हो सकती है, इसलिए निवेश से पहले बाजार के रुझान को समझना जरूरी है।
आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि सीजफायर स्थिर रहता है और वैश्विक हालात सुधरते हैं, तो कीमतों में स्थिरता आ सकती है।
हालांकि, अगर भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ता है, तो सोना-चांदी और महंगे हो सकते हैं।
निष्कर्ष
ईरान-अमेरिका सीजफायर का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कमोडिटी मार्केट में भी इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिला है। सोना और चांदी में आई यह तेजी निवेशकों के बदलते रुख को दर्शाती है। ऐसे में समझदारी से निवेश करना और बाजार की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी है।

