सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मंगलवार को घरेलू वायदा बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण बुलियन बाजार पर दबाव बढ़ गया, जिसके चलते सोना और चांदी दोनों के दाम नीचे आ गए।
सबसे बड़ी गिरावट चांदी की कीमतों में देखने को मिली। एक ही कारोबारी सत्र में चांदी की कीमतों में करीब 7,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। वहीं सोने के दाम भी उल्लेखनीय रूप से कमजोर हुए हैं।
एमसीएक्स पर फिसले सोना और चांदी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान सोना करीब 1,760 रुपये टूटकर 1,46,566 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 7,010 रुपये की कमजोरी के साथ 2,27,622 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के समय में यह सोना और चांदी की सबसे बड़ी दैनिक गिरावटों में से एक है।
प्रमुख शहरों में क्या हैं सोने के ताजा भाव?
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमतें लगभग 14,650 रुपये से 14,850 रुपये प्रति ग्राम के बीच बनी हुई हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 14,667 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया, जबकि मुंबई में इसकी कीमत लगभग 14,652 रुपये प्रति ग्राम रही। चेन्नई में 24 कैरेट सोना करीब 14,836 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
इसके अलावा 22 कैरेट सोने की कीमत अधिकांश शहरों में करीब 13,400 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बनी हुई है। वहीं 18 कैरेट सोना लगभग 11,000 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।
मजबूत डॉलर बना सोने की कमजोरी की वजह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने की कीमतों पर दबाव का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना विदेशी निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग में कमी आती है।
इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका भी निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक आमतौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों से दूरी बनाने लगते हैं।
कच्चे तेल की कीमतें घटीं, फिर भी नहीं बढ़ी सोने की चमक
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुका है।
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की आशंकाओं के दौरान निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार ऐसा देखने को नहीं मिला। इसकी वजह निवेशकों का ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक नीतियों पर अधिक ध्यान देना माना जा रहा है।
इसके अलावा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से लगातार निकासी भी निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निकट अवधि में सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा अवसर साबित हो सकती है। यदि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता या भू-राजनीतिक तनाव दोबारा बढ़ता है, तो सोना फिर से मजबूती दिखा सकता है।
फिलहाल, निवेशकों को बाजार की चाल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

