सोना गिरा, चांदी चमकी: ग्लोबल उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय बाजार में मिला-जुला रुख
नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सराफा बाजार में मंगलवार को सोना और चांदी के दामों में अलग-अलग रुख देखने को मिला। जहां सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी ने मजबूती दिखाते हुए बढ़त हासिल की है।
सोने की कीमतों में नरमी
भारतीय वायदा बाजार Multi Commodity Exchange (MCX) पर 29 अप्रैल को सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। सोने का भाव 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। फिलहाल 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,49,950 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुनाफावसूली का नतीजा है, क्योंकि पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी गई थी। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है और निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है।
चांदी में बनी मजबूती
दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली है। MCX पर चांदी का भाव 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों में करीब 1% की तेजी दर्ज की गई, जिससे घरेलू बाजार में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड फिलहाल $4,600 प्रति औंस के नीचे बना हुआ है, जबकि स्पॉट सिल्वर करीब $74 प्रति औंस के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की गतिविधियां और आर्थिक अनिश्चितता का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है।
कच्चे तेल और मिडिल ईस्ट तनाव का प्रभाव
सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव भी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $111 प्रति बैरल और WTI क्रूड $99 के ऊपर बना हुआ है, जो अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं।
खासतौर पर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती चिंता ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया की करीब 20% तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख मार्ग है। हालिया भू-राजनीतिक तनाव और बयानों के चलते यहां सप्लाई बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है।
महंगाई और निवेशकों की रणनीति
International Energy Agency (IEA) ने इस स्थिति को संभावित “सप्लाई शॉक” करार दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं, हालांकि फिलहाल कीमतों में थोड़ी नरमी देखी जा रही है।
आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और निवेशकों का रुझान इनकी दिशा तय करेंगे।
कुल मिलाकर, मौजूदा समय में सराफा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जहां सोना दबाव में है, वहीं चांदी मजबूती के साथ आगे बढ़ती नजर आ रही है। निवेशकों को इस समय सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
