2 Apr 2026, Thu

Gold Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सिल्वर 13000 रुपये टूटा; जानें 24, 22 और 18 कैरेट गोल्ड का आज का रेट

सोना-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट, निवेशकों और खरीदारों के लिए मौका या संकेत?

2 अप्रैल 2026 को सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब शेयर बाजार में भी कमजोरी का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता और अवसर दोनों की स्थिति बन गई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹3,333 की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव ₹1,50,375 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी में तो और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत ₹13,037 टूटकर ₹2,30,464 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी का असर साफ दिखाई दे रहा है। ग्लोबल मार्केट में सोना लगभग 4,695 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो निवेशकों के रुझान में बदलाव का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की मजबूती का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।

अगर घरेलू बाजार में विभिन्न कैरेट के सोने की बात करें, तो 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,37,800 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,12,700 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, यह कीमतें अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के हिसाब से थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में आई तेज बढ़त के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी एक अहम वजह मानी जा रही है। जब बाजार में तेजी के बाद निवेशक अपने मुनाफे को निकालते हैं, तो कीमतों में गिरावट आना स्वाभाविक है।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों और आर्थिक संकेतकों का भी असर बाजार पर पड़ रहा है। निवेशक अब सुरक्षित निवेश विकल्पों के बजाय अन्य एसेट क्लास की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की मांग में अस्थायी कमी आई है।

हालांकि, इस गिरावट को कई लोग खरीदारी के अच्छे मौके के रूप में देख रहे हैं। खासकर शादी और त्योहार के सीजन से पहले सोने की खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए यह राहत भरी खबर है। ज्वेलरी बाजार में भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिर भी, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर हो सकती है, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की दिशा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।

कुल मिलाकर, सोना-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार के बदलते रुझान को दर्शाती है और निवेशकों के लिए एक अहम संकेत भी है कि वे सोच-समझकर अपने निवेश की रणनीति तय करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *