सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, दो दिन में चांदी ₹30,000 तक टूटी
सर्राफा बाजार में निवेश करने वालों और शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शुक्रवार 15 मई को सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। खासकर चांदी के भाव में आई बड़ी टूट ने बाजार में हलचल मचा दी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दो दिनों के भीतर चांदी करीब ₹30,000 प्रति किलो तक सस्ती हो गई है। वहीं सोने की कीमतों में भी हजारों रुपये की गिरावट देखने को मिली।
चांदी की कीमतों में भारी टूट
Multi Commodity Exchange of India पर 13 मई को चांदी का भाव करीब ₹3,04,000 प्रति किलो के आसपास था। लेकिन शुक्रवार को इसकी कीमत गिरकर करीब ₹2,74,000 प्रति किलो तक पहुंच गई। यानी सिर्फ दो कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में करीब ₹30,000 प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ समय से चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई थी। निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसके कारण बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली।
इस बड़ी गिरावट के बाद बाजार में निवेशकों और कारोबारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे खरीदारी का अच्छा मौका मान रहे हैं।
सोना भी हुआ सस्ता
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। 13 मई को 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,64,000 प्रति 10 ग्राम था, जो अब घटकर करीब ₹1,59,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
यानी सोने की कीमत में करीब ₹5,000 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। हालांकि सोने के दाम अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने ग्राहकों को कुछ राहत जरूर दी है।
शादी के सीजन और त्योहारों के मद्देनजर ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह अच्छी खबर मानी जा रही है।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई वजहों से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और वैश्विक ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाओं ने निवेशकों की रणनीति बदल दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने सोने और चांदी से पैसा निकालकर दूसरी संपत्तियों में निवेश करना शुरू किया है। इसके अलावा ऊंचे स्तर पर हुई प्रॉफिट बुकिंग ने भी कीमतों को नीचे लाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और डॉलर इंडेक्स में मजबूती का सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
जानकारों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक आर्थिक हालात, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है। वहीं कई निवेशक अभी बाजार में स्थिरता आने का इंतजार कर रहे हैं।
शादी-ब्याह वाले परिवारों को राहत
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट का सबसे ज्यादा फायदा शादी-ब्याह की तैयारियों में जुटे परिवारों को मिल सकता है। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि कीमतें घटने के बाद बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ सकती है।
फिलहाल सर्राफा बाजार में हलचल बनी हुई है और निवेशकों की नजर आने वाले दिनों के भाव पर टिकी हुई है।

