Gold Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल, चांदी एक हफ्ते में ₹20 हजार महंगी
भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों के सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान के कारण कीमती धातुओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी को लेकर हो रही है। सिर्फ एक सप्ताह के भीतर चांदी के दाम करीब ₹20 हजार प्रति किलो तक बढ़ गए हैं, जिसने निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों को चौंका दिया है।
चांदी ने लगाई बड़ी छलांग
सर्राफा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुछ दिन पहले तक चांदी लगभग ₹2.44 लाख प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर ₹2.61 लाख प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह हाल के वर्षों में चांदी की सबसे तेज साप्ताहिक बढ़ोतरी में से एक मानी जा रही है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी के दाम में लगभग ₹25 हजार की कुल तेजी दर्ज की जा चुकी है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की मांग बढ़ने, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता ने कीमतों को तेजी से ऊपर पहुंचाया है।
सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी लगातार उछाल जारी है। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुका है।
9 मई 2026 के ताजा बाजार भाव के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,66,011 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,52,940 प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹2,61,300 प्रति किलो
बताया जा रहा है कि इस साल अब तक सोने की कीमतों में ₹18 हजार से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं।
1. वैश्विक तनाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ रही तनातनी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है। ऐसे समय में सोना और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है।
2. डॉलर में कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिला है। जब डॉलर कमजोर होता है, तब निवेशक कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा देते हैं।
3. कच्चे तेल की कीमतें
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक चिंताओं ने भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। इसका असर सीधे कमोडिटी मार्केट पर दिखाई दे रहा है।
4. अंतरराष्ट्रीय मांग में बढ़ोतरी
वैश्विक बाजार में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव 4,723 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की खबरों ने भारतीय बाजार में भी तेजी को और मजबूत किया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार जानकारों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।
फिलहाल सर्राफा बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है और ग्राहकों के लिए सोना-चांदी खरीदना पहले से काफी महंगा हो चुका है।

