सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, एक हफ्ते में चांदी ₹10,000 तक सस्ती
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में इस हफ्ते भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद अब सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। खासतौर पर चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों को चौंका दिया है।
बीते 20 अप्रैल को MCX पर चांदी का भाव ₹2,54,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया था, जो अब घटकर ₹2,44,321 प्रति किलोग्राम रह गया है। इस तरह महज एक हफ्ते के भीतर चांदी की कीमतों में करीब ₹9,679 यानी लगभग ₹10,000 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट हाल के समय में सबसे तेज गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
केवल चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है। 20 अप्रैल को सोना ₹1,54,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया था, लेकिन अब इसकी कीमत घटकर करीब ₹1,52,700 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। यानी सोने के दाम में भी लगभग ₹1,300 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (profit booking) करने से भी कीमतों में गिरावट आई है।
इसके साथ ही, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कुछ हद तक स्थिरता आने से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश (safe haven) जैसे सोना-चांदी से थोड़ा कम हुआ है। इससे भी इन धातुओं की मांग में कमी आई और कीमतों पर असर पड़ा।
शादी-ब्याह के सीजन के बीच आई इस गिरावट से आम खरीदारों को राहत मिली है। जो लोग सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह एक अच्छा मौका माना जा रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश करने से पहले बाजार के रुझान को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।
निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। जहां एक ओर गिरती कीमतें खरीदारी का अवसर देती हैं, वहीं दूसरी ओर वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के कारण अचानक तेजी भी लौट सकती है। ऐसे में संतुलित रणनीति अपनाना ही समझदारी होगी।
कुल मिलाकर, इस हफ्ते सोना और चांदी के बाजार में आई हलचल ने यह साफ कर दिया है कि कीमती धातुओं की कीमतें केवल घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक कारकों से भी प्रभावित होती हैं। आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर करेगी।

