फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन कई ऐसे नतीजे सामने आए, जिन्होंने फुटबॉल प्रशंसकों को हैरान कर दिया। टूर्नामेंट की मजबूत और खिताब की दावेदार मानी जा रही टीमों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, जबकि अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबलों को रोमांचक बना दिया। दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब वर्ल्ड कप में पहली बार हिस्सा ले रही केप वर्डे ने यूरोपीय चैंपियन स्पेन को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया।
करीब पांच लाख की आबादी वाले छोटे से अफ्रीकी द्वीपीय देश केप वर्डे ने अपने वर्ल्ड कप डेब्यू मैच में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। टीम ने पूरे मुकाबले में अनुशासित डिफेंस दिखाया और स्पेन के आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया। केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। 40 वर्षीय गोलकीपर ने कई शानदार बचाव किए और स्पेन के स्टार खिलाड़ियों को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया।
स्पेन ने मैच में कई अवसर बनाए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल सकी। फेरान टोरेस गोल करने के सबसे करीब पहुंचे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। युवा स्टार लामिन यामाल को भी मैदान पर उतारा गया, लेकिन वह भी टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं रहे। दिलचस्प बात यह रही कि मैच के अंतिम मिनटों में केप वर्डे के पास जीत हासिल करने का सुनहरा मौका था, लेकिन डाइनी बोर्गेस का हेडर स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार तरीके से रोक दिया। आखिरकार मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
वहीं ग्रुप जी के एक अन्य मुकाबले में मिस्र ने बेल्जियम जैसी मजबूत टीम को कड़ी टक्कर देते हुए 1-1 से ड्रॉ खेला। मैच की शुरुआत से ही मिस्र ने आक्रामक रवैया अपनाया और 19वें मिनट में उसे सफलता भी मिली। स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह के शानदार पास पर इमाम आशूर ने गोल दागकर मिस्र को बढ़त दिला दी। यह इमाम आशूर के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल था, जिसने मैच को और खास बना दिया।
बढ़त हासिल करने के बाद मिस्र की टीम ने शानदार डिफेंस किया और बेल्जियम के हमलों को लगातार नाकाम किया। हालांकि 66वें मिनट में किस्मत ने मिस्र का साथ नहीं दिया। बेल्जियम के थॉमस म्यूनियर द्वारा किए गए खतरनाक क्रॉस को रोकने की कोशिश में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी ने गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी। इस आत्मघाती गोल की बदौलत बेल्जियम मुकाबले में बराबरी करने में सफल रहा।
दिन के एक अन्य मुकाबले में उरुग्वे और सऊदी अरब के बीच भी कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी जीत हासिल नहीं कर सका और मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पांचवां दिन यह साबित करने के लिए काफी रहा कि इस टूर्नामेंट में कोई भी टीम छोटी नहीं है। केप वर्डे और मिस्र जैसी टीमों ने अपने प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि वे बड़ी टीमों को चुनौती देने की पूरी क्षमता रखती हैं। आने वाले मुकाबलों में भी ऐसे ही रोमांचक और अप्रत्याशित नतीजों की उम्मीद की जा रही है।

