29 Jul 2026, Wed

FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हुआ अमृतपाल सिंह, कर चुका है अमेरिका-कनाडा तक ड्रग सप्लाई करने की करतूत

अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय नागरिक अमृतपाल सिंह को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर लिया है। FBI के अनुसार, अमृतपाल सिंह पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने और संगठित अपराध गिरोह के साथ मिलकर नशीले पदार्थों की तस्करी की साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। एजेंसी का दावा है कि वह रविंदर ढांडा ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का सदस्य है, जो उत्तर अमेरिका में सक्रिय एक संगठित आपराधिक नेटवर्क माना जाता है।

FBI द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह की तलाश अमेरिका में चल रही एक बड़ी जांच के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी ने उसकी पहचान के लिए उसकी तस्वीर भी सार्वजनिक की है और आम लोगों से उसके बारे में जानकारी साझा करने की अपील की है।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको तक फैला नेटवर्क

FBI का आरोप है कि रविंदर ढांडा ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का संचालन कनाडा के वैंकूवर से किया जाता था और यह गिरोह अमेरिका, कनाडा तथा मैक्सिको में ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ा हुआ था। एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर कोकीन और मेथामफेटामाइन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी करता था।

अमृतपाल सिंह पर इस नेटवर्क के लिए ड्रग्स तस्करी की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के कई सदस्यों की गतिविधियों की जांच कर रही हैं और इस मामले को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है।

जून 2026 में जारी हुआ था फेडरल अरेस्ट वारंट

FBI के अनुसार, 23 जून 2026 को लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ फेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया था। अदालत द्वारा जारी वारंट के बाद उसे पकड़ने के लिए अमेरिकी एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी।

एजेंसी ने बताया कि अमृतपाल सिंह की जन्मतिथि 7 जनवरी 1996 है और वह भारतीय नागरिक है। उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए FBI ने 2024 की एक तस्वीर भी जारी की है।

मोस्ट वांटेड सूची में शामिल होने का क्या मतलब है

FBI की मोस्ट वांटेड सूची में किसी आरोपी को शामिल किया जाना इस बात का संकेत होता है कि एजेंसी उसे पकड़ने को उच्च प्राथमिकता दे रही है। ऐसे मामलों में अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां, सीमा सुरक्षा एजेंसियां और कई बार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर आरोपी की तलाश करती हैं।

हालांकि, मोस्ट वांटेड सूची में शामिल होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होता। किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय अदालत में कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है कार्रवाई

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी भारतीय नागरिक का नाम अमेरिकी जांच एजेंसी की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ प्रत्यर्पण, सीमा-पार जांच और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी प्रक्रियाएं तेज हो सकती हैं। इस मामले में भी अमेरिकी एजेंसियां विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर सकती हैं।

फिलहाल FBI ने अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए उसकी तलाश जारी रखी है और उसके बारे में कोई भी विश्वसनीय जानकारी मिलने पर अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *