सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भावुक कर देने वाली तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे मध्य प्रदेश के Jabalpur में हुए हालिया क्रूज हादसे से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि बरगी डैम हादसे के दौरान एक मां अपने बेटे को सीने से लगाए हुए थी और दोनों की डूबने से मौत हो गई। हालांकि, जांच में यह दावा भ्रामक और तस्वीर फर्जी पाई गई है।
दरअसल, Bargi Dam में हुए नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में कई लोगों की जान गई और कई अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसी घटना के बाद सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट और तस्वीरें तेजी से शेयर की जाने लगीं, जिनमें से एक तस्वीर ने लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचा।
वायरल हो रही पोस्ट में एक महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए हुए दिखाई दे रही है। इस तस्वीर के साथ दावा किया गया कि यह मां-बेटे की आखिरी तस्वीर है, जो हादसे के दौरान डूब गए। पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया कि “कुछ दृश्य इंसान को अंदर तक तोड़ देते हैं… बरगी डैम की यह तस्वीर वैसी ही एक तस्वीर है।” इस तरह के भावुक संदेशों के साथ तस्वीर को हजारों बार शेयर किया गया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गई।
हालांकि, जब इस दावे की पड़ताल की गई तो सामने आया कि यह तस्वीर न तो हालिया हादसे से जुड़ी है और न ही इसका कोई संबंध जबलपुर से है। फैक्ट चेक में पाया गया कि यह एक पुरानी और असंबंधित तस्वीर है, जिसे गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया जा रहा है। यानी वायरल दावा पूरी तरह भ्रामक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की फर्जी खबरें और तस्वीरें न केवल लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करती हैं, बल्कि हादसे से जुड़े असली तथ्यों को भी धुंधला कर देती हैं। इससे पीड़ित परिवारों और प्रशासन के काम में भी बाधा आ सकती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह की गलत जानकारी तेजी से फैलती है, क्योंकि लोग बिना सत्यापन किए भावनात्मक कंटेंट को तुरंत शेयर कर देते हैं। यही कारण है कि ऐसी पोस्ट कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुंच जाती हैं।
फैक्ट चेक करने वाली संस्थाओं और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर या तस्वीर को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। खासकर जब मामला किसी संवेदनशील घटना से जुड़ा हो, तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
कुल मिलाकर, जबलपुर नाव हादसा एक गंभीर और दुखद घटना है, लेकिन उससे जुड़ी फर्जी तस्वीरों और दावों से बचना बेहद जरूरी है। सही जानकारी ही समाज में जागरूकता और विश्वास बनाए रखने में मदद करती है।

