3 Aug 2026, Mon

EPS-95 में न्यूनतम 7500 रुपये की मासिक पेंशन की मांग हुई तेज, 5 अगस्त को होगा देशव्यापी आंदोलन

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत आने वाले पेंशनधारकों ने न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपये करने की मांग को लेकर 5 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। हजारों पेंशनधारक दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे और सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील करेंगे।

वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये निर्धारित है, जो 1 सितंबर 2014 से लागू है। पेंशनधारकों का कहना है कि मौजूदा महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन की लागत को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है।

पेंशन बढ़ाने के साथ DA और मेडिकल सुविधा की मांग

EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये करने के अलावा महंगाई भत्ता (DA) देने, पेंशनधारकों और उनके जीवनसाथी को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुरूप पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ देने की मांग उठाई है।

समिति का कहना है कि इन मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों से सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किए गए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया।

जंतर-मंतर पर होगा बड़ा प्रदर्शन

राष्ट्रीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने बताया कि पेंशन प्रणाली में सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में EPS-95 पेंशनधारक 5 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे

उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान उन लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ओर आकर्षित करना है, जिन्हें बहुत कम पेंशन मिल रही है।

81 लाख पेंशनधारकों का मुद्दा

समिति का दावा है कि करीब 81 लाख EPS-95 पेंशनधारक पिछले एक दशक से अधिक समय से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। राउत ने कहा कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।

उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में पेंशनधारकों को औसतन 1,171 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जो मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए अपर्याप्त है।

सम्मानजनक जीवन की मांग

समिति का कहना है कि देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास में दशकों तक योगदान देने वाले कर्मचारियों को ऐसी पेंशन मिलनी चाहिए जिससे उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो।

कमांडर अशोक राउत ने कहा कि 7,500 रुपये न्यूनतम मासिक पेंशन की मांग किसी अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण जीवन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग है

सरकार को चेतावनी

समिति ने कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करती रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने यह भी कहा कि यदि लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकला, तो पेंशनधारक कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं।

फिलहाल 5 अगस्त को होने वाला जंतर-मंतर प्रदर्शन EPS-95 पेंशनधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और क्या पेंशन व्यवस्था में किसी प्रकार के सुधार की दिशा में कदम उठाए जाते हैं।

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